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नई दिल्ली, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम, स्लोवेनिया, पाकिस्तान, गुयाना, इथियोपिया, कोरिया गणराज्य, मालदीव जैसे विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सोमवार को राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय लैंगिक समानता दिवस और आॅक्सी गर्ल चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए गए।

कार्यक्रम में अलबाबा, अमेजॅन, माइक्रोसॉफ्ट, पीडब्ल्यूसी, पेप्सी जैसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पेशेवरों के अलावा विश्व संसद और डब्ल्यूएफआईटी जैसे संगठनों के सदस्य भी उपस्थित थे।

भारत में सबसे बड़ा हेल्थकेयर नेटवर्क आॅक्सी, ने इस मौके पर ‘भारत में जन्म लेने वाली हर लड़की के लिए 11,000 की सावधि जमा’ की सुविधा प्रदान करके देश में लैंगिक असमानता की समस्या का मुकाबला करने का समाधान पेश किया।

अंतर्राष्ट्रीय लैंगिक समानता दिवस और आॅक्सी गर्ल चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत के मौके पर आयोजित सम्मेलन में ठोस सबूतों और आंकड़ों के माध्यम से हर जगह महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव की व्यापक प्रकृति का प्रदर्शन किया गया।

सम्मेलन में समान आर्थिक अवसरों, लैंगिक मुख्य धारा, महिलाओं के लिए आरक्षण और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसी विषयों पर भी चर्चा हुई।

पैनल ने बेटे और बेटियों के बीच बढ़ते अंतराल को कम करने के लिए लैंगिक असमानता और साझा विचारों से संबंधित मुद्दों की जांच भी की। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए आवश्यक लिंग आधारित आरक्षण और उपायों के विषय भी उठाए गए।

सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने, उचित प्रथाओं को साझा करने और महिलाओं को उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सशक्तिकरण की सिफारिशें भी तैयार की गईं।

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