(टाना भगत अतिथिगृह शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास)
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रांची, झारखण्ड 
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बनहोरा हेहल में टाना भगत अतिथिगृह शिलान्यास के दौरान कहा कि टाना भगतों ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। उनके हित में काम कर सरकार कोई अहसान नहीं कर रही है। यह उनका हक है। हमारी सरकार उनका ऋण उतारने का काम कर रही है। टाना भगतों के विकास के लिए सरकार ने एक अलग प्राधिकरण का गठन भी किया है। यह प्राधिकरण उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी बेघर टाना भगतों को सरकार तीन-तीन कमरे का घर बनाकर देगी। जमीन के निबंधन के दौरान जो जीएसटी की राशि लग रही है, उसे टाना भगत विकास प्राधिकरण वहन करेगा। झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के एक वर्षीय कोर्स में टाना भगत के बच्चों का दाखिला कराया जा रहा है। नामांकन व अन्य मद में होने वाले खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी। टाना भगतों की मांग पर छात्रावास भी खोला जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने टाना भगतों, आदिवासियों और गरीबों की सुध नही ली। आजादी के बाद पहली बार हमारी सरकार टाना भगतों, आदिवासियों और गरीबों के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। रघुवर ने कहा स्वतंत्रता आंदोलन के लिए किसी एक परिवार को ही श्रेय देना हजारों गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अन्याय है। हमारे गरीब पूर्वजों ने भी देश की आजादी के लिए खून बहाया है।

आदिवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान किया। सभी के प्रयासों से ही आजादी मिली है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र के मंत्रियों को स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में जाकर कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। इसी कड़ी में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थल उलिहातु जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कई कल्याण योजनाओं का शुभारंभ किया जिसे मूर्तरुप दिया जा रहा है।

हमारी सरकार गरीब, आदिवासी और किसान के नाम पर राजनीति नहीं करती है। हम उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टाना भगतों के लिए हो रहे विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोताही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
रघुवर दास , 
मुख्यमंत्री, झारखण्ड 

 

कार्यक्रम में पूर्व विधायक गंगा टाना भगत ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जितना काम टाना भगतों के लिए किया है, उतना किसी सरकार ने नहीं किया। इस सरकार में ही टाना भगत विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। अपने वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री ने टाना भगतों के आराम के लिए अतिथि गृह के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सांसद रामटहल चौधरी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के.के. सोन, भवन निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेख अप्रासंगिक नहीं होगा कि आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़ कर भाग लेने वाले झारखण्ड के टाना भगत समुदाय का मानना है कि आज़ादी के बाद से अब तक अलग-अलग हुकूमतों ने सिर्फ उनका इस्तेमाल वोट बैंक के तौर पर किया है। पिछले महीने 2 मई को अपनी मांगों को लेकर टाना भगत समुदाय के सैकड़ों लोगों ने विधानसभा का घेराव किया था। उस समय हिंद वॉच ने अपने वेब पोर्टल पर इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

उसके लगभग बीस दिन बाद ही झारखण्ड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने टाना भगतों के शिष्टमंडल से मुलाक़ात कर कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ टाना भगतों को मिलना चाहिए। उसके बाद मुख्यमंत्री ने टाना भगतों का ऋण उतारने और बेघर टाना भगतों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन-तीन कमरे का घर बनाकर देने की बात कही है और टाना भगतों के विकास के लिए सरकार ने एक अलग प्राधिकार  गठन का संकल्प दोहराया। उन्होने कहा कि यह प्राधिकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा टाना भगतों के कल्याण के लिए की गयी इन घोषणाओं से यह उम्मीद बंधती है कि शायद अब सरकर टाना भगतों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए गंभीर हो गयी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने किए वादों पर खरी उतरती है या फिर टाना भगतों को अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए घंटी बजाते हुए आजाद भारत में अपने हक के लिए पुन: विधानसभा का घेराव करना पड़ेगा। पोस्टल पिन : 834005

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