(फ़ाइल् फोटो )
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रांची : झारखण्ड कैबिनेट की बैठक मंगलवार को हुई। इस बैठक में राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये का फंड स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में स्टार्टअप वेंचर को प्रोत्साहन करने के मकसद से राज्य सरकार ने स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फण्ड की स्थापना करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा तीन कम्पनियां झारखण्ड स्टार्टअप एंड एमएसएमई फंड, झारखण्ड वेंचर कैपिटल ट्रस्टी लिमिटेड और झारखण्ड कैपिटल लिमिटेड बनायी जा रही हैं।

अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग के लिए गुजरात वेंचर फंड लिमिटेड को सेलेक्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्टार्टअप से जुड़े प्रोजेक्ट और आइडिया के सपोर्ट के मकसद से इस तरह का फंड स्थापित किया जा रहा है।

नौ मामलों में मिली हरी झंडी

कैबिनेट की बैठक में कुल नौ मामलों पर हरी झंडी मिली है। उनमें सूबे में एक्साइज डिपार्टमेंट से रेवेन्यू जेनरेट करने के मकसद से डिपार्टमेंट के पदों को पुनर्गठित करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत निरीक्षक उत्पाद के 37 पद, अवर निरीक्षक उत्पाद के 112, सहायक अवर निरीक्षक उत्पाद के 105, उत्पाद लिपिक के 88 और उत्पाद सिपाही के 622 स्वीकृत पदों का पुनर्गठन करने की स्वीकृति दी गई।

वहीं, नमामि गंगे के तहत राज्य में राजमहल और साहेबगंज जिले में पीपीपी मोड पर वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गयी है। जिसकी कुल लागत राशि 18557.35 लाख रुपये और स्वच्छ भारत मिशन के केंद्र मदद से 823.27 लाख रुपये देने पर सहमति बनी।

 12 जून 2018 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

  • The Jharkhand Lift and Escalators Act, 2017 की धारा 23(1) तथा 23(2) के प्रदत्त शक्ति के तहत राज्य सरकार अधिसूचना के द्वारा नियम बना सकती है। इसके तहत तैयार किये गए The Jharkhand Lift and Escalators Rules, 2018 की स्वीकृति दी गई।
  • उत्पाद प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निरीक्षक उत्पाद, अवर निरीक्षक उत्पाद, सहायक अवर निरीक्षक उत्पाद, उत्पाद लिपिक एवं उत्पाद सिपाही के स्वीकृत पदों का पुनर्गठन करने की स्वीकृति दी गई।
  • झारखंड पुलिस अंतर्गत विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों में प्रावधानित चिकित्सीय परीक्षण में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका/ सहायिका के देय आकस्मिक अवकाश अधिकतम 18 दिन अनुमान्य करने की स्वीकृति दी गई।
  • साहिबगंज एवं राजमहल नगर निकायों अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) योजना के लोक- निजी भागीदारी (Public Private Partnership mode) की पद्धति के आधार पर समूह में कार्यान्वयन हेतु कुल लागत राशि ₹35 लाख (एक सौ पचासी करोड़ सन्तावन लाख पैंतीस हजार) एवं SBM  के केंद्र मदद से ₹ 823.27 लाख (आठ करोड़ तेईस लाख सताईस हजार) तथा राज्य योजना मस्से 20 वर्षों में कुल राशि ₹ 8183.40 लाख (इक्यासी करोड़ तिरासी लाख चालीस हजार) अर्थात कुल ₹ 9006.67 लाख (नब्बे करोड़ छः लाख सड़सठ हजार) का अनुदान उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
  • चक्रधरपुर नगर परिषद अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) योजना के लोक-निजी भागीदारी (Public Private Partnership Mode) की पद्धति के आधार पर कार्यान्वयन हेतु कुल लागत राशि ₹75 लाख (एक सौ तेरह करोड़ बावन लाख पचहत्तर हजार) एवं SBM के केन्द्र मद से ₹ 559.16 लाख (पांच करोड़ उनसठ लाख सोलह हजार) तथा राज्य योजना मद से 20 वर्षों में कुल राशि ₹ 5781.01 लाख (संतावन करोड़ इक्कासी लाख एक हजार) अर्थात कुल ₹ 6340.17 लाख (तिरसठ करोड़ चालीस लाख सत्रह हजार) का अनुदान उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
  • झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन एवं रूल्स एंड रेगुलेशन का अनुमोदन किया गया ।
  • झारखंड में स्टार्टअप वेंचर कैपिटल को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा झारखंड  स्टार्टअप वेंचर केपिटल, झारखंड वेंचर कैपिटल ट्रस्टी लिमिटेड एवं झारखंड स्टार्टअप एंड एमएसएमई फंड की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई।
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