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श्रीनगर
दो साल पहले 8 जुलाई 2016 को अनंतनाग में सुरक्षाबलों द्वारा मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर आज (रविवार) को अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए रोक दी गई है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि “अलगाववादियों ने जम्मू-कश्मीर में आज बंद का ऐलान किया है। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ऐसे में राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।“

डीजीपी एसपी वैद ने शनिवार को कठुआ जिले में सुरक्षा हालात का जायजा लिया था।

अपनी मौत से लगभग एक महीने पहले एक वीडियो जारी कर बुरहान वानी ने कहा था कि “हमारा अमरनाथ यात्रियों पर हमले की कोई योजना नहीं है और न हम ऐसा कभी करेंगें” लेकिन मुठभेड़ में मारे जाने के दो साल बाद उसकी बरसी के दिन सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा पर दिन के लिए रोक लगा दी गई है।

सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 16 साल की लड़की समेत 3 की मौत
कुलगाम के हवूरा मिशिपोरा इलाके में तलाशी अभियान के दौरान भीड़ ने सेना पर पथराव किया था। सुरक्षाबलों की ओर से उपद्रवियों को खदड़ने के लिए की गई कार्रवाई में 16 साल की लड़की समेत 3 की मौत हो गई थी। दो लोग जख्मी हुए। इसके बाद अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में इंटरनेट बंद किया गया है।

शनिवार (7 जुलाई) को उपद्रवियों ने सेना पर किया पथराव
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पत्थरबाजी से बचकर निकलने की कोशिश कर रही थी। आक्रामक और उन्मादी करीब 500 लोगों की भीड़ ने पत्थर के साथ पेट्रोल बम भी चलाए। पत्थरबाजों की आड़ में आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग भी की।

अलगाववादी नेता नजरबंद किए गए
अलगाववादी नेता यासिन मलिक को शुक्रवार को ही अरेस्ट कर लिया गया था, जबकि सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद रखा गया है।

(8 जुलाई 2016 को अनंतनाग में हुए एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों द्वारा मारे जाने के बाद बुरहान वानी के जनाजे को कन्धा देते लोग)

बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद घाटी में करीब दो माह तक चले प्रदर्शनों में 85 से अधिक लोग मारे गए थे।

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