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जयपुर, राजस्थान
राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में जनवरी 2019 के अंतिम सप्ताह में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह फिल्म फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसका नाम ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ श्रीगंगानगर’ रखा गया है। वहीं इस फिल्मोत्सव का आयोजन अब हर साल किया जाएगा। इस फेस्टिवल में पंजाबी सिनेमा और बच्चों के सिनेमा पर अलग सेक्शन होगा। यानी पंजाबी और बच्चों की फिल्में दिखाई जाएगी, उनसे जुड़े कलाकारों से मिलने का अवसर मिलेगा।

यह पहला फिल्म फेस्टिवल होगा जिसमें बच्चों की फ़िल्में दिखाई जाएगी। भारतीय सिनेमा में हर वर्ष लगभग एक हज़ार से अधिक फ़िल्में बनती है। उनमें से कई बाल फ़िल्में भी बनाई जाती है परन्तु ये बाल फ़िल्में कोई कोई ही थियेटर पर पहुंच पाता है और यदि थियेटर पर पहुंचता भी है तो बहुत जल्द ही थियेटर से हटा दिया जाता है। बहुत सी बाल फ़िल्में बनने के बाद डब्बा बंद हो जाता है।

इस फिल्म फेस्टिवल को लेकर आयोजकों का कहना है कि ‘कमर्शियल सिनेमा के अलावा अच्छे सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म फेस्टिवल आयोजित होते हैं। जहां आर्ट और नए तरह के सिनेमा पर फोकस होता है। नई फिल्में दिखाई जाती हैं, फिल्मों के प्रीमियर होते हैं और साथ ही फिल्मों पर भी चर्चा होती है। जिसके बाद फेस्टिवल में शामिल फिल्मों में से जूरी श्रेष्ठ फिल्मों और उनके कलाकारों और टीम को अवॉर्ड देती हैं। ऐसा ही कुछ ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ श्रीगंगानगर’ में भी होगा।

इस आयोजन के फाउंडर डायरेक्टर्स सुभाष सिंगठिया और डॉ. दुष्यंत ने बताया कि राजस्थान सरकार से पंजीकृत ट्रस्ट के बैनर पर आयोजित होने वाले 5 दिन के इस आयोजन में विश्व भर से फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई जाएगी। दुनिया भर से फिल्ममेकर आएंगे, एक्टिंग वर्कशॉप होगी।

सुभाष सिंगठिया के मुताबिक डॉक्युमेंट्री फिल्म मेकिंग पर एक दिन के सेमिनार का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही एक संगीतमय शाम होगी और आखिरी दिन अवार्ड सेरेमनी होगी। देश- विदेश के अनेक फिल्म निर्देशक और फिल्म प्रोफेशनल यानी निर्माता, लेखक, गीतकार, सिनेमेटोग्राफर, संगीतकार, गायक और फिल्म पत्रकार इस फेस्टिवल से सलाहकार के तौर पर जुड़े हैं और जुड़ते जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर के इस पहले फिल्म फेस्टिवल को जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल(जिफ) टेक्निकल सपोर्ट कर रहा है, वहीं झारखंड का नेतरहाट फिल्म इंस्टिट्यूट इसका क्रिएटिव पार्टनर है।

सुभाष सिंगठिया ने बताया कि इस तरह का आयोजन इलाके में पहली बार किया जा रहा है। जिससे इलाके की प्रतिभाओं को फिल्मी दुनिया की इंटरनेशनल शख्सियतों को करीब से देखने, बात करने और जुड़ने के मौके मिलेंगे। शहर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, देशी ही नहीं विदेशी फिल्मकारों के आने से शहर को बिजनेस के लिहाज से फायदा होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फेस्टिवल से इलाके की कहानियों पर फिल्म बनने के रास्ते खुलेंगे और लोकल टैलेंट फिल्म संसार के अलग -अलग कामों के लिए आगे आ पाएंगे।

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