Print Friendly, PDF & Email



नई दिल्ली
पीएनबी घोटाला मामले में सोमवार को इंटरपोल से नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया। घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने इंटरपोल से नीरव मोदी के खिलाफ यह नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था। इसे अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मान लिया था। इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस किसी भी अपराधी को पकड़ने के लिए दुनिया भर में मान्य होता है। यह अपने सदस्य देशों की अपील पर किसी भगोड़े अपराधी के खिलाफ ये नोटिस जारी करता है। इसके जरिए वो अपने 192 सदस्य देशों को जानकारी देता है कि आरोपी उनके वहां देखा जाए तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाए या हिरासत में ले लिया जाए जिससे प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू की जा सके। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने इंटरपोल से नीरव मोदी के खिलाफ नोटिस जारी करने की अपील की थी। पीएनबी घोटाले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।

पिछले हफ्ते ही विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक के दौरान सवाल उठाए गए कि फरवरी में पासपोर्ट रद्द होने के बावजूद नीरव मोदी कैसे एक से दूसरे देश में घूम रहा है।
सीबीआई ने बताया था कि 24 फरवरी को इंटरपोल के सेंट्रल डेटाबेस में यह जानकारी दी गई थी कि भारत सरकार नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द कर रही है उसके बावजूद वह कई देशों की यात्रा करता रहा।

सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा था कि ‘विदेश मंत्रालय ने उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया था जिसके बाद हमने यह जानकारी डिफ्यूजन नोटिस में जोड़ दी। नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की जानकारी 24 फरवरी को इंटरपोल के सेंट्रल डेटाबेस को भी भेज दी गई, यह डेटाबेस सभी सदस्य देशों के पास उपलब्ध होता है।’

उन्होंने बताया कि सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल की ओर से डिफ्यूजन नोटिस जारी किए जाने के बाद एजेंसी ने उन छह देशों से संपर्क साधा जहां नीरव के जाने की आशंका थी। एजेंसी ने इन देशों से नीरव के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया।

यह भी पढ़ें :  सिमडेगा को अग्रणी विकसित जिलों के श्रेणी में लाने को लेकर बैठक

एजेंसी ने 25 अप्रैल, 22 मई, 24 मई और 28 मई को यूनाइटेड किंगडम की इंटरपोल कॉर्डिनेशन एजेंसी को ये रिमाइंडर भेजे। इसी तरह के रिमाइंडर अमेरिका, सिंगापुर, बेल्जियम, यूएई और फ्रांस की एजेंसियों को भी भेजे गए। नीरव मोदी 13,000 करोड़ से ज्यादा के पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी है। पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ईडी ने कहा कि नीरव मोदी ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए देश-विदेश में डमी कंपनियां बनाईं।

पीएनबी ने भी जांच एजेंसियों को एक आंतरिक रिपोर्ट सौंपी। इसके मुताबिक नीरव की कंपनियां पीएनबी की हॉन्गकॉन्ग और दुबई शाखाओं से भी लोन ले रही थीं। लेकिन, भारत में घोटाला सामने आने पर उसकी कंपनियों को दी जा रही क्रेडिट फैसिलिटी वापस ले ली। घोटाले में नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी के साथ ही नीरव की पत्नी और भाई भी आरोपी हैं। जनवरी के पहले हफ्ते में ये सभी विदेश भाग गए थे।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...