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नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ आज सवर्णों ने भारत बंद का आह्वान किया है। सवर्ण समाज के करीब 35 संगठनों ने बंद बुलाया है। बंदी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारत बंद के तहत मध्य प्रदेश सबसे संवेदनशील बना हुआ है, जहां पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं। इस राज्य में एससी-एसटी एक्ट को लेकर सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है।

राज्य में केंद्रीय मंत्रियों का घेराव के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जूता फेंकने, गाड़ी पर पथराव तथा काले झंडे दिखाए जाने की अनेक घटनाएं हुईं। राज्य में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। साथ ही पेट्रोल पंप भी दिन भर बंद रहेंगे। भारत बंद का असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में देखने को मिल सकता है।

देश भर के 100 से अधिक संगठनों ने इस भारत बंद का आह्वान किया है। अपनी मांग को लेकर कई दिनों से सवर्ण संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खासा इंतजाम किया है। सवर्णों के इस आंदोलन को देखते हुए सरकार ने मध्य प्रदेश के 18 जिलों में धारा 144 लगा दी है। इसके अतिरिक्त राज्य के अधिक्तर स्कूल-कॉलेजों को आज बंद किया गया है।

मध्य प्रदेश के अतिरिक्त राजस्थान सरकार ने भी बंद को लेकर खासा इंतजाम किया है। बिहार के आरा में सवर्ण समाज के लोगों ने ट्रेन को रोक कर अपना आक्रोश जाहिर किया है। वहीं, मोकामा और छपरा में सुबह-सुबह लोगों ने बीजेपी के झंडे के साथ प्रदर्शन किया।

प्रशासन इस समय पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रहा है। जगह-जगह पर पुलिस फोर्स तैनात है और दंगे-आगजनी की स्थिति पैदा न हो इसके लिए सुरक्षाबल पैदल मार्च कर रहे हैं। किसी भी अपात स्थिति से निपटने के लिए दमकलकर्मी गाड़ियों और दंगानिरोधी दस्ते को तैयार रखा गया है।

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