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फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप का आयोजन को सफल बताकर अपनी पीठ ठोकने वालों के लिए बुरी खबर है। उनकी पोल चुकी है। और इस काम को अंजाम दिया है फीफा वर्ल्ड कप के निर्देशक जेवियर केप्पी ने।

दरअसल फीफा अंडर 17 वर्ल्ड कप का आयोजन पहली बार भारत में किया गया था। इस टूर्नामेंट को लेकर आयोजनकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने इस टूर्नामेंट को सफल बनाया है लेकिन वहीं फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के निर्देशक जेवियर केप्पी ने इसे लेकर भारत की पोल खोली है।

जेवियर केप्पी ने भारत में इस टूर्नामेंट का आयोजन करने वालों को जमकर फटकार लगाई है। केप्पी ने कहा “मैंने ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को चूहों के बराबर में कपड़े बदलते हुए देखा है।” यह बात केप्पी ने पांचवे इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑन फुटबॉल बिजनेस के दौरान कही।

उन्होंने कहा “हमारा बहुत सा सामान चोरी हुआ लेकिन वहां किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता था। वहां न तो किसी को खिलाड़ियों की परवाह थी और न ही किसी को प्रशंसकों से फर्क पड़ता था।

ऐसी जगह इवेंट थे जहां पर खिलाड़ी चूहों के बराबर में कपड़े बदल रहे थे। लोग कह रहे हैं कि वर्ल्ड कप हर तरह से सफल हुआ है लेकिन एक प्रशंसक के तौर पर मैं अपने अनुभव की बात करूं तो मुझे नहीं लगता कि प्रशंसकों के लिए यह सफल था और यही सच्चाई भी है। यह टूर्नामेंट और भी सफल बन सकता था।”

कैप्पी ने बहुत ही निराश होकर कहा “प्रशंसकों के लिए सफल वह होता है जब उन्हें एक शानदार फुटबॉल खेल देखने के लिए मिले जो उन्होंने पहले न देखा हो। जो अंडर-17 टीम का स्तर है यह लीग उस स्तर की नहीं थी।”

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उन्होंने तो यह भी कह दिया कि भारत में टूर्नामेंट का आयोजन करना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि भारत ग्याहर घंटों में किसी समस्या का समाधान करता है। भारत में फिर से टूर्नामेंट का आयोजन करने के लिए कई परेशानी हैं। इसमें सबसे मुख्य कारण बुनियादी ढांचा है। जाहिर गई इस बयान से भारत की दुनिया भर में पोल खुल गयी है।

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