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पटना, बिहार
बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रह चुकी कुमारी मंजू वर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पटना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बिहार की पूर्व मंत्री मांजू वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले की जांच कर रही सीबीआई को को मंत्री रही मंजू वर्मा के घर से तलाशी के दौरान गोलियां मिली थी। जिसके बाद आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए मंजू ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने अब खारिज कर दिया है।

सीबीआई ने मंजू वर्मा के आवास से लगभग 50 कारतूस जब्त किए थे। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण के मामले में मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा और इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के घनिष्ठ संबंधो का खुलासा हुआ था। इसके बाद विपक्षी पार्टियों के विरोध के बाद बिहार की सामाजिक कल्याण मंत्री रही मंजू वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा था।

बालिका गृह यौन शोषण में पति का नाम आने के बाद सीबीआई ने पटना और बेगुसराय स्थित उनके निवास पर छापा मारा था। जहां पर सीबीआई को कारतूस मिले थे। इसके बाद से ही मंजू वर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। इसी डर से उन्होंने 25 अगस्त को हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी।

वहीं मंजू वर्मा के पति अभी भी फरार चल रहे हैं। चंद्रशेखर पर आरोप है कि उनके और ब्रजेश ठाकुर के बीच करीबी संबंध थे। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो जाने के बाद मंजू वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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