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कुछ समय पहले विजय माल्या बैंकों का करोड़ों रुपया मारकर भागे थे और अब नीरव मोदी ने वही कांड दोहराया है। यह अजीब संयोग है कि घोटाला करने वाला नीरव मोदी लगभग इसी तर्ज पर पर देश छोड़कर भागा है जिस तरह विजय माल्या भागे थे।

कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार चाहती तो समय रहते हुए इस घोटाले को रोक सकते थे। ये आरोप कितने सच हैं यह तो समय बताएगा लेकिन फिलहाल विपक्षी पार्टी कांग्रेस हमलावर हो गई है।

पार्टी के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘लूटो और भाग जाओ’ मोदी सरकार का चाल, चरित्र और चेहरा बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जुलाई, 2016 में ही वित्तीय फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद क्या मोदी सरकार सोई हुई थी?

सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि इसके बावजूद नीरव मोदी 11000 करोड़ रुपया लूटकर देश से कैसे भाग गए? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? नीरव मोदी को किसका संरक्षण प्राप्त है? पूरा सिस्टम कैसे बाइपास कर दिया गया?

कांग्रेस नेता बोले कि प्रधानमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने इसे 30,000 हजार करोड़ रुपये का घोटाला बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें PNB के साथ कई अन्य बैंकों का पैसा डूबा है।

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। नीरव मोदी के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ED ने 5,100 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे, आभूषण और सोना जब्त किया है।

पंजाब नैशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आने के बाद ED ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी के दफ्तरों, शोरूम और वर्कशॉप पर छापेमारी की। इसके अलावा यहां से मिले कई रिकॉर्ड्स भी आगे की जांच के लिए जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 3.9 करोड़ रुपये के बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट भी फ्रीज किए गए हैं।

अब यह सरकार के ऊपर है कि वह इस संगीन आरोप का न सिर्फ जवाब दे बल्कि नीरव मोदी को गिरफ्त में लेकर इस घोटाले को कानून के कटघरे में पहुंचाने का काम करे। वरना हर कोई इन आरोपों को सच मानेगा।

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