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जब से नरेन्द्र झा इस दुनिया से अलविदा कह गए हैं, फिल्म इंडस्ट्री में इस बात की चर्चा है कि उनकी अधूरी फिल्में कैसे पूरी होंगी। गौरतलब है कि अभिनेता नरेंद्र झा का मुंबई से 100 किलोमीटर दूर वाड़ा स्थित उनके अपने फार्म हाउस में हार्ट अटैक से निधन हो गया। अफसोस यह वही फार्म हाउस है, जिसे नरेंद्र झा ने सुकून की जिंदगी जीने के लिए बनाया था।

मधुबनी बिहार में जन्में और जेएनयू के छात्र रहे नरेंद्र झा ने सिर्फ बौलीवुड व भारतीय टीवी पर ही नहीं, मास्को टीवी और इंडोनेशियन टीवी पर भी काफी काम किया। उन्होंने फिल्मकार जी वी अय्यर के साथ दो कन्नड़ फिल्में भी की थी।

नरेंद्र झा ने टीवी से फिल्मों तक का लंबा सफर अपनी अभिनय प्रतिभा, मेहनत, लगन के बलबूते पर तय करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित किए थे। वह ‘हैदर’, ‘हमारी अधूरी कहानी’, ‘घायल वंस अगेन’,  ‘मोहनजो दाड़ो’, ‘रईस’, ‘‘काबिल’’ सहित कई फिल्मों में स्टार कलाकारों के साथ महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए थें।

2017 में वह सोलो हीरो के रूप में फिल्म ‘‘विराम’’ में नजर आए थें, जिसका 2017 के ‘‘कौन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। जबकि इससे पहले 2005 में सुधांशु झा की फिल्म ‘एक दस्तक’ में और ‘माइ फादर इकबाल’ में भी वह हीरो थें।

नरेंद्र झा के असामायिक निधन से उनकी कुछ फिल्में अधूरी रह गयी हैं। वह संग्राम सिंह के साथ एक फिल्म कर रहे थें, जो कि अधूरी है।

इसके अलावा नरेंद्र झा ने श्रद्धा कपूर व प्रभाष के साथ फिल्म ‘‘साहो’’ कर रहे थे। इतना ही नही सलमान खान के साथ नरेंद्र झा ने फिल्म ‘‘रेस 3’’ भी अनुबंधित की थी, जिसकी वह शूटिंग ही शुरू नहीं कर पाए।

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