(सीएम रघुवर दास अधिकारीयों के साथ)
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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घर-घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्य कर रही एजेंसियों में जो एजेंसी पिछड़ रहे है उन्हें दी कड़ी चेतावनी। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से लक्ष्य हासिल करने में दूरी ना रह जाए। जो अच्छा काम कर रहे हैं उन्हें पुरस्कार मिलेगा और जो पिछड़ रहे हैं उन्हें यह अंतिम चेतावनी है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के घर-घर में समयबद्ध तरीके से बिजली पहुंचाने के लिए सरकार कृतसंकल्प है। इस काम में किसी प्रकार कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश कांट्रेक्टर पूरे लगन से काम करने के लिए जुटे हुए हैं, किंतु जो कांट्रैक्टर टाइमलाइन के तहत काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें एक माह का समय दिया जा रहा है। इस दौरान अपना प्रदर्शन सुधारें, नहीं तो ब्लैक लिस्ट करने के साथ साथ धोखाधड़ी का केस भी किया जायेगा।

तीन दिन के अंतर सभी कांट्रैक्टर 15-15 दिन का टाइमलाइन बनाकर कर विभाग को सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जून तक हर हाल में सारे पोल गड़ जाने चाहिए। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री ने विद्युतीकरण कार्यक्रम में पिछड़नेवाली कार्यकारी एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक में दिये। झारखंड मंत्रालय में समीक्षा के दौरान काम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारा यह अभियान एक बड़ा अभियान है, पिछले 70 साल से लोग अंधेरे में जी रहे हैं। यह शर्मनाक है।

आजादी के 67 साल तक बड़ी आबादी तक बिजली नहीं पहुंची थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने घर-घर बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। इस लक्ष्य के प्रति सरकार गंभीर है। बार-बार समय बढ़ाया गया है। यह अंतिम चेतावनी है। नौ जुलाई को फिर से समीक्षा बैठक होगी। इसमें इन कंपनियों के उच्च अधिकारी शामिल रहेंगे। तब तक जिन कंपनियों के काम में संतोषजनक सुधार नहीं होगा, उसे हटाकर अच्छा काम कर रहे कांट्रैक्टर का काम दिया जायेगा। काम में तेजी के साथ साथ क्वालिटी का काम भी जरूरी है। क्वालिटी से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा।

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रघुवर दास ने राजधानी में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम कर रही कंपनी पोलीकैब के धीमी प्रगति के लिए फटकार लगायी। उन्होंने कहा कि गरमी होने के बाद भी राजधानी के लोगों ने काफी सहयोग दिया है। लोगों को समय से काम पूरा चाहिए। अब नयी तारीख नहीं मिलेगी। इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत काम कर रहे जामताड़ा, पाकुड़, सिमडेगा और साहेबगंज में पेस पावर, गिरिडीह में एनविल केबल्स,  गोड्डा में इंडो नाबिन, हजारीबाग में एवरेस्ट इंफ्रा, गुमला, लातेहार व सरायकेला में विजयी इलेक्ट्रिकल्स, गढ़वा में स्टर्लिंग, पाकुड़, साहेबगंज, पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम में आइएल एंड एफएस, गोड्डा, गिरिडीह, पलामू में इस्ट इंडिया, गिरिडीह में मेसर्स लेजर के काम पर नाखुशी जतायी। शहरी विद्युतिकरण में रांची में पॉलीकैब वायर प्राइवेट लिमिटेड, जमशेदपुर शहर में वोल्टास लिमिटेड व आइएल एंड एफएस, रांची व डालटनगंज में अशोक बिल्डकॉन लिमिटेड, धनबाद, साहेबगंज, दुमका में आइएल एंड एफएस के काम पर काफी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं करती हैं, तो इन्हें हटाया जायेगा।

बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, विभाग के वरीय अधिकारी व कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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