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हाल में संस्कृति का ढोल पीटने वाली पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष की फिल्म जूली 2 के सेक्स सीन लीक हुए तो पता चला कि पहलाज कितनी संस्कारी फिल्में बनाते हैं। बहरहाल आजकल सेक्स और अश्लीलता के बहाने फिल्मों और ऐक्ट्रेस का करियर चल निकला है। प्रतिभा जिस्म के आगे फेल हो जाती है। कास्टिंग काउच का सहारा लेने वाली अभिनेत्रियाँ सालों बाद बताती हैं कि उनके साथ यौन शोषण हुआ तब तक उसकी सहारे करियर बनाने से बाज नहीं आती। सवाल यह है कि  फिल्मों में शोहरत का सेक्स के रास्ते से होकर गुजरती है?

सेक्स और ग्लैमर हमेशा से ही फ़िल्म इंडस्ट्री में कामयाबी की गारंटी माना जाता रहा है। इस बात में कोई शक भी नहीं है कि कैटरीना कैफ, सनी लिओन, मल्लिका शेरावत, शेर्लिन चोपड़ा, जरीन खान, जैक्लीन फर्नांडिस, पोली दाम जैसी कई अभिनेत्रियाँ बौलीवुड में अगर टिकीं हैं तो अभिनय की बदौलत नहीं बल्कि अपने सेक्सी फिगर, बोल्ड इमेज और लटकोंझटकों की वजह से। किसी को सेक्स सायरन बोला जाता है तो को सेक्स बम के खिताब से नवाजी जाती है। क्षेत्र कोई भी हो, ख़ूबसूरती और आकर्षक व्यक्तित्व ही तरजीह पाता है। चूंकि फिल्म बिजनेस है ही शोबिज का अड्डा, तो यहाँ जो ज्यादा दिखता है वहीँ ज्यादा बिकता भी है। बीते कुछ सालों से बौलीवुड में जमी ज्यादातर शीर्ष अभिनेत्रियाँ अपनी सेक्स इमेज और बोल्ड किरदारों व दृश्यों के चलते सुर्ख़ियों में रही हैं। अभिनय के लिए तो आप पैरेलल या फिर जिसे फेस्टिवल सिनेमा कहा जाता है, का रुख करते हैं। मेनस्ट्रीम फिल्मों में तो डर्टी पिक्चर वाला सिनेमा चलता है। जहाँ हीरोइन के दो बिकिनी सीन, एक बेडरूम सीन और दोचार समुद्र के किनारे ग्लैमरस सोंग पिक्चराइज कर काम चला लिया जाता है। इस से ज्यादा न तो अभिनेत्रियाँ कुछ करती हैं और न ही कुछ करने की जरूरत पड़ती है क्योंकि दर्शकों को इतने में ही मनोरंजन मिल जाता है। इसलिए आज की सफलतम हीरोइन शोहरत की बुलंदियों पर सवार हैं तो इसके पीछे सेक्स एलेमेंट्स का रोल कम नहीं है।

आज की सुपरस्टार अभिनेत्रियों को देखकर यह बात साबित भी हो जाती है कि फ़िल्म जगत में अभिनय से ज्यादा सेक्स की तूती बोलती है। और जिस तरह अभिनय और प्रतिभा सिर्फ कलात्मक फिल्मों और अवार्ड तक सीमित है उसी तरह सेक्सी इमेज के सहारे कैटरीना से लेकर दीपिका और प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड तक घुसपैठ कर रही है। यह कोई आज की बात नहीं है। यह ट्रेंड हमेशा से ही वजूद में रहा है।  जब स्मिता पाटिल अपनी प्रतिभा की बदौलत मिर्च मसाला, अर्थ और मंथन व चक्र जैसी सामाजिक सरोकार का सिनेमा कर रही थी तब उस समय मसाला फिल्मों में जीनत अमान,  परवीन बौबी जैसी कमतर और सेक्स सिम्बल के नाम से मशहूर अभिनेत्रियां उनसे दस गुना ज्यादा फीस लेकर बिग बी से लेकर धर्मेन्द्र और जीतेन्द्र जैसे बड़े और कामयाब कलाकारों के साथ बौलीवुड में रूल कर रही थी। करियर के ढलान आते आते शायद स्मिता पाटिल इस सच से वाकिफ हो गयी थी कि सेक्स सिम्बल बने बिना काम नहीं चलने वाला। लिहाजा उनहोंने भी अमिताभ बच्चन के साथ नमक हलाल मे अपना सेक्सी अवतार दिखाया। आज भी बारिश में पारदर्शी साड़ी में इनपर फिल्माया गया उत्तेजक गीत आज रपट जाएं तो हमें उठाइयो पॉपुलैरिटी के मामले में उनकी तमाम कलात्मक फिल्मों पर पानी फेरता नजर आता है। यही काम उस दौर की लगभग सभी एक्टिंग ओरिएंटेड एक्ट्रेस को करना पडा। मसलन शबाना आजमी, दीप्ति नवल और सिमी ग्रेवाल जो कभी सिर्फ कला प्रधान फिल्मों में काम करती थी, चालू सिनेमा में आकर सेक्सी अवतार में नजर आने लगीं।

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पुराने दौर का वो फलसफा आज वैसे ही लागू हो रहा है। यानी आज भी कामयाबी के लिए फिल्मजगत में सेक्स की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। महेश भट्ट सालों से अपनी बनाई फिल्मों में सेक्स बेचकर कामयाबी से विशेष फिल्म्स चला रहे हैं। सनी लियोनी गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च होने वाली एक्ट्रेस है और फिल्मों की रिलीज से पहले सेक्स सीन्स लीक किये जा रहे हैं। दीपिका विन डीज़ल के साथ हॉलीवुड फ़िल्म xxx में बोल्ड सीन दे चुकी हैं। तो प्रियंका चोपड़ा अमेरिकन टीवी सीरीज में हॉट सीन को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। हर जगह सिर्फ सेक्स ही बिक रहा है। हालिया रिलीज फिलम पार्चड भी कई महीने पहले लीक हुए राधिका आप्टे और आदिल हुसैन के सेक्स सीन्स को लेकर मुफ़्त का प्रचार पाती रही। कुल मिलकर विषय आधारित सिनेमा करने वाला कलाकार कामयाबी तो दूर की बात है ढंग से पैसे भी नहीं कमा पाता और ग़ुरबत में ही जिंदगी गुज़ार देता है।
कुछ साल पहले जब अभिनेत्री नेहा धूपिया ने कहा था क़ि बॉलीवुड में दो ही चीजें बिकती हैं एक शाहरुख़ और दूसरा सेक्स। तब उनकी काफी आलोचना हुई थी। लेकिन आज उनके कॉमेंट के मुताबिक़ ही हो रहा है। दरअसल उनके उस बयान का मतलब था कि फ़िल्म इंडस्ट्री में या तो पुरुष नायक यानी शाहरुख़ जैसे सुपरस्टार कामयाब होते हैं या फिर सेक्स और ग्लैमर की चाशनी में डूबी ऐक्ट्रेस।
गौर कीजिये जब तक विद्या बालन साफसुथरी यांनी परिणीता,  भूल भुलैया जैसी फिल्में करती रही तब तक उन्हें कोई भाव नहीं मिला। उल्टा बदन धापू कपड़ों की वजह से उनके फैशन सेन्स को लेकर   उनकी फज़ीहत अलग हुई। जैसे ही विद्या ने सिल्क स्मिथा की बायोपिक डर्टी पिक्चर में बदन की नुमाइश करते हए सेक्स को जमकर परोसा,  रातोंरात सुपरस्टार बन गयी। यहाँ भी उनकी शोहरत में सेक्स की अहम भूमिका रही। वर्ना एक्टिंग तो वे कई सालों से कर रही थी बस बोल्ड एक्ट्रेस का तमगा बाद में हासिल किया।

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बौलीवुड में सेक्स सिम्बल का तमगा ज्यादातर सफल और अपने दौर की बहुचर्चित अभिनेत्रियों को दिया जाता है। मसलन जब शर्मीला टैगोर ने इन ईवनिंग इन पेरिस में बिकनी पहनी तो उनकी सेक्सी छवि के चलते वे एकदम से ए ग्रेड कलाकार हो गयी। राजकपूर तो अपनी हर फ़िल्म में (बौबी, संगम, राम तेरी गंगा मैली, प्रेम ग्रथ, सत्यम शिवम् सुन्दरम आदि) अभिनेत्रियों को सेक्सी अवतार में पेश करने के लिए जाने जाते थे। वैजयन्ती माला, डिम्पल कपाड़िया, जीनत आमान और मंदाकिनी का करियर आगे बढ़ने में उनके सेक्स सिम्बल इमेज का बड़ा योगदान रहा। आज भी कटरीना कैफ के अभिनय और कमजोर हिंदी का मजाक बनाया जाता है लेकिन जैसे ही उनके लिपलॉक या बिकनी पहनने की खबर से लैस कोई फ़िल्म रिलीज होती है सिनेमाघरों में दर्शक टूट पड़ते हैं। नरगिस फाकरी का पूरा करियर ही उनके सेक्सी लुक और बिकनी सीन पर टिका है। अभिनय में जीरो होने के बावजूद अगर वह बॉलीवुड में टिकी हैं तो सिर्फ इसलिए कि फिल्म नगरी में सिर्फ सेक्स ही बिकता है।

अभिनेत्री बिपाशा बासु का करियर भी फ़िल्म जिस्म से शुरू हुआ और तब तक चलता रहा जब तक वे जिस्म दिखाती रहीं। यही कहानी मल्लिका सेहरावत से लेकर शर्लिन चोपड़ा, राखी सावंत और सनी लीओन की है। सेक्सी इमेज से कामयाब न सिर्फ जल्दी हो सकते हैं बल्कि काम की भी कोई कमी नहीं रहती। अब सनी लिओन को के लीजिये। उनकी आज तक कोई भी फ़िल्म सब्जेक्ट या कमाई के लेवल पर उल्लेखनीय नहीं रही लेकिन साल में 3-4 फिल्में करने के अलावा वे कई टीवी शोज कर रही हैं। काम की कोई कमी नहीं है जबकि अपेक्षाकृत बेहतर अभिनेत्रियां मसलन नंदिता दास,  कोंकणा सेन और चित्रांगदा व स्वरा भास्कर के पास कोई ख़ास काम नहीँ है।

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बौलीवुड हो चाहे हॉलीवुड, जब भी किसी अभिनेत्री का करियर लडखडाने लगता है, वह फिल्मों में न न करते बोल्ड सीन देने लगती है। इतन ही नहीं कई बार पब्लिसिटी के लिए प्रायोजित सेक्स भी परोसा जाता है। जैसे कई अभिनेत्रियों के फिल्मों (एक खिलाड़ी एक हसीना, भिन्डी बाजार, पार्चड) से हॉट सीन का लीक हो जाना, निजी व अन्तरंग पलों का एमएमएस (करीना-शाहिद, अशिमित-रिया सेन वगैरह) लीक होना और विवादस्पद मेल लीक होना जैसा की कंगना रानावत और ऋतिक रोशन के मामले में हुआ। इन सब से अचानक से अखबारों व फ़िल्मी पत्रिकाओं में उस अभिनेत्री के चर्चे होने लगते है जिसकी कोई खबर नहीं ले रहा था। इस तरह शोहरत के मैदान पर फिर से इनकी वापसी हो जाती है। आजकल सोशल मीडिया के जरिये में सेक्स संबंधी मसलों के आधार पर पब्लिसिटी बटोरी जा रही है। ट्विटर पर शर्लिन चोपड़ा पैसों के बदले सेक्स की बात करती है तो कोई अपनी वर्जिनिटी कब खोयी थी या उसका कब शारिक शोषण या कास्टिंग हुआ जैसी घटनाओं के बहाने मीडिया का ध्यान अपनी और खींच लेती हैं।

कोई लडकी खूबसूरत या सेक्सी है और ओपने क्षेत्र में शोहरत हासिल कर रही है, इसका मतलब यह नहीं लगाना चाहिए कि उसका चरित्र खराब है। सेक्सी बौडी और खूसूरत चेहरा होना किसी  भी लडकी के चरित्र प्रमाण का जरिया बनाना गलत है। अगर वह खूबसूरत है, सेक्सी है तो यह उसकी खूबी है। वैसे हे जैसे कोई इन्टेलीजेंट है या फिर किसी ख़ास प्रतिभा से लैस है। खूब्स्सोरत चेहरा देखना हर कोई चाहहता है और कई पेशे ऐसे हैं जहाँ ख़ूबसूरती से ही उत्पाद बिकता है। ऐसे में अगर बौलीवुड में सेक्स और ग्लैमर बिकता है  और इसकी बदौलत अभिनेत्रियाँ शोहरत की बुलंदियों में खंडे गाड़ रहीं है तो  किसी को भी ऐतराज़ नहीं होना चाहिए।

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