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आज देश में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। लेकिन देश के हालात क्या हैं। क्या हम वही देश हैं? आजादी और संविधान बनाते समय जिन तय सिद्धान्तों पर चलने के लिए एकजुट हुए थे, क्या उन संवैधानिक मूल्यों पर हम आज कायम हैं? शायद नहीं।

आज देश के हर हिस्से में हिंसा फैली है। एक फ़िल्म को रोकने के लिए पूरा देश जल रहा है। आज भी दलितों को नीच समझकर उनके साथ भेदभाव किया जाता है। किसान जो पूरे देश का पेट भरते हैं आज खुद खाली पेट फांसी लगाने पर मजबूर हैं।

हवा साफ नहीं है। डॉक्टर अपने फ़र्ज़ से खिलवाड़ कर रहे हैं। महंगाई गरीबों की जान ले रही है। राजनीति मे स्तर लगातार गिरता जा रहा है। क्या ऐसे ही देश की कल्पना की थी हमने।

क्या यही है हमारा संविधान कहता है। नहीं। आज गणतंत्र दिवस के मौके पर सिर्फ झंडा फहराने और भाषण सुनने से ज्यादा जरूरी है उस संविधान की रक्षा करना जिसको लेकर देश के असली नायकों ने अपना जीवन दांव पर लगा दिया था।

अगर जश्न मनाना है तो पहले जश्न मनाने लायक बनना होगा। सिर्फ भाषण देने से भारत सोने की चिड़िया नहीं बन जाता। एक दिन राजपथ की सफाई करने हर परेड के दौरान झांकी दिखा देने से देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक तौर पर मजबूत नहीं होगा।

इसमें अरसा लगेगा, लेकिन शुरुआत आज से ही करनी पड़ेगी। पहले अपने कट्टरपंथी समाज को बदलना होगा, बात बात पर धर्म के नाम पर सियासत वालों की बातों में आकर करणी सेना जैसा मोहरा बनने से खुद को रोकना होगा।

एकता में अनेकता वाले इस देश में फिर से एकता कायम करनी होगी। पास पड़ोस से साम्प्रदायिक भेदभाव खत्म करना होगा तब जाकर देश में गणतंत्र दिवस मनाने लायक माहौल पैदा होगा।

आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और मानसिक असमानता की खाई में गिरते अपने देश को जब तक बाहर नही निकालेंगे और संविधान की मूल आत्मा को समझकर उसके सिद्धान्त का पालन नहीं करेंगे तब तक यह दिन सिर्फ दिखावटी जलसे से ज्यादा कुछ नहीं होगा।

26 जनवरी 1950 भारतीय इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि भारत का संविधान, इसी दिन अस्तित्व मे आया था और भारत इसी दिन पूर्ण गणतंत्र देश बना था।

आइए आपको बताते हैं गणतंत्र दिवस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।

1. 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया।
2. गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।
3. भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई।
4. भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं।
5. भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी।
6. गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
7.  29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं। यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता है।
8. गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री अमर ज्योति पर शहीदों को श्रद्धाजंलि देते हैं जिन्होंने देश के आजादी में बलिदान दिया।

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