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हिंद वॉच मीडिया रेटिंग :
सेंसर सर्टिफिकेट : UA
जॉनर : कॉमेडी ड्रामा
अवधि : 2 घंटा, 40 मिनट  
निर्माता  :  कपिल शर्मा
लेखक – निर्देशक  : राजीव ढींगरा
कलाकार : कपिल शर्मा, इशिता दत्ता, कुमुद मिश्रा, मोनिका गिल, इनामुलहक, एडवर्ड सोनेनबिक, अंजन श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, जमील खान. संगीत: जतिंदर शाह

पिल शर्मा को इस बात के लिए लख-लख बधाईयाँ की वे मेनस्ट्रीम हिन्दी सिनेमा में अपने प्रोडक्शन की फ़िल्म लेकर आ रहे हैं। अभी-अभी कोमल नाहटा को दिये एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, जिसका आशय था कि सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिसमें टीवी की तरह सीमाएँ नहीं हैं, बल्कि एक कलाकार विविधता को अभिव्यक्ति दे सकता है। भारतीय संस्कृति और लोकतंत्र की जान यह विविधता ही है। यह उनका बहुत सोचा समझा निर्णय लगता है। वे खिलाडी आदमी हैं, इसलिए दास्ताना पहनकर आग से खेल रहे हैं। वे जानते हैं कि कोई कुछ कह ले लेकिन फ़िल्म का सारा दारोमदार स्क्रिप्ट पर ही टीका होता है, इसलिए उन्होंने स्क्रिप्ट में हर स्तर पर राजीव ढींगरा को फीडबैक दिया है। सिनेमा के एक स्टार कॉमेडियन राजपाल यादव इस आग से पहले खेल चुके हैं।

नासमझ-बदतमीजी और एक हद तक गदहेपन की कॉमेडी से उन्होंने औसत बुद्धि का भरपूर मनोरंजन किया है। पैसा भी खूब कमाया। वे टीवी के सुपरस्टार हैं। लेकिन उनको भी पता है कि हिन्दी सिनेमा के दर्शक अलग हैं। उनकी किस्मत अच्छी है कि 1 दिसम्बर को पद्मावती रिलीज़ नहीं हुई। इसका उन्हें भरपूर लाभ मिलेगा।

“फिरंगी” और “लगान” की कहानी का मर्म बिल्कुल एक ही है, यहाँ उसको पाने के तरीके में थोड़ा फर्क कर दिया गया है। लगान में अगरेज़ों के साथ गाँववालों की प्रतियोगिता होती है और यहाँ कोई और ही रास्ता अपनाया जाता है। वह रास्ता जानने के लिए आपको यह फ़िल्म देखनी चाहिए। राजीव ढींगरा एक प्रतिभावान लेखक-निर्देशक हैं, तभी तो लगान जैसी सफल और मजबूत कंटेंट वाली फ़िल्म से प्रेरणा लिया है। ढींगरा कहानी में घाल-मेल करने में इतने उस्ताद हैं कि उन्हें अवार्ड दिया जाना चाहिए।

मंगा उल्टा पैदा हुआ था इसलिए भगवान ने उसकी लातों में एक सफा (वरदान) दे दिया है कि दर्द से अकड़ी हुई कमर में अगर वह लात मारे तो सामने वाला तुरंत ही चंगा हो जाता है। दर्शकों को भी अच्छा लगता है कि एक हिन्दुस्तानी अंगरेज़ को लतिया रहा है। यह पीरियड सिनेमा है, जिसे सेट बनाकर फिल्माया गया है।    

मंगा सरगी के घर से एक रजाई उधार ले जाता है, जिस पर एक मोरनी कढ़ी हुई है। जब वह रजाई वापस करता है तो सरगी देखती है कि उस पर एक मोर कढ़ा हुआ है। ऐसे ओरिजिनल सीक्वेंस भी हैं, जो अच्छे लगते हैं। इस फ़िल्म में राजीव ढींगरा और कपिल शर्मा ने मार्केट के मजबूत सहयोगी कलाकारों को लिया है। इसमें अंजन श्रीवास्तव, कुमुद मिश्रा, इनामुल हक़ और राजेश शर्मा जैसे मझे हुए कलाकार है।

कहानी के क्लाइमेक्स में महात्मा गाँधी का आना हास्यास्पद लगता है। एक बात तो आपको मानना ही पड़ेगी कि घालमेल करनेवालों में कॉन्फिडेंस बहुत होता है।

फिल्म के ट्रेलर को देखने के लिए निचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक करें :

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