Print Friendly, PDF & Email
फ़िल्म : जुमानजी: वेलकम टू जंगल
हिंद वॉच मीडिया रेटिंग : 3.5/5 स्टार 
सेंसर सर्टिफिकेट : (U/A)
जॉनर : ऐक्शन, एडवेंचर, कॉमेडी, फैंटेसी
अवधि : 1 घंटा, 59 मिनट
निर्देशक : जेक कैसडन
लेखक : कृष मकेंना, स्कॉट रोसेन्बर्ग, एर्रिक सोम्मेर्स, जेफ्फ पिंकेर और कृष वैन अल्स्बर्ग।
कलाकार : ड्वेन ‘द रॉक’ जॉनसन, जैक ब्लैक, केविन हार्ट, कैरेन जिलियन और बॉबी कैनावेल।
संगीत : हेनरी जैकमैन

ज़िन्दगी सिर्फ एक ही बार मिलती है और इसमें सारी चुनौतियों के लिए एक ही लाइफलाइन होती है। यहाँ रफ कर के फेयर नहीं किया जा सकता, जो एक बार हो गया तो हो गया। फिल्मों की तरह कोई रिटेक नहीं है। ‘जुमानजी: वेलकम टू जंगल’ में तीन लाइफलाइन है।

इस कहानी में किरदारों को तीन लाइफलाइन मिली हुई है लेकिन एक समय ऐसा भी आता है कि सबकी एक ही लाइफलाइन बचती। अगर उनसे कोई चूक होती है तो वे जंगल में ही कैद हो कर रह जायेंगे। यह एक वीडियो गेम का डिजिटल तिलिस्म है, जिसमें कहानी के किरदार फँसे हुए हैं। यह हॉलीवुड का थ्री डी तिलिस्म है, जिससे आप सहमत हो ही जाते हैं। अगर हॉलीवुड की फिल्मों में स्पाइडरमैन चड्ढी पहनकर उड़ता है तो आप असहज नहीं होते हैं क्योंकि आपको वहाँ के लेखक-निर्देशक हवा में नहीं छोड़ते हैं। वे आपके सामने काल्पनिक तर्क रखते हैं ‘साइंस फिक्शन’ का, जीव विज्ञान का, मनोविज्ञान का या फिर माइथोलॉजी का। अपने तर्क से वे आपको कायल बना देते हैं।

चुकी फ़िल्म की कहानी सीधे ज़िन्दगी से जुड़ती है इसलिए इसमें आपकी दिलचस्पी बनी रहती है। यह आपको एक बार रोमांच के झूले पर चढ़ाती है तो फिर उतरने का मौका नहीं देती है। वीडियो गेम से एक तिलिस्मी दुनिया शुरू होती है और थ्री डी का चस्मा आपको उस दुनिया से जोड़ देता है। वीडियो गेम की एक बाजी खिलाड़ियों को जीना सीखा देती है और कहीं न कहीं आपको भी

यह भी पढ़ें :  पाकिस्तान: अभिनेता अली जफ़र पर पाक सिंगर ने लगाया यौन शोषण का आरोप

जुमानजी मूल रूप से बच्चों की चित्रकथा की किताब पर आधारित है। यह कहानी 1995 में आ चुकी है। यह रीमेक 22 साल बाद थोड़े बदलाव के साथ हमारे सामने है। इसे रिबूट सीरीज कहना ज़्यादा उचित है। इसमें पहले का बोर्ड गेम अब वीडियो गेम में बदल गया है, लेकिन कहानी का मूल तत्व वही है। यह लड़ाई ‘सर्वाइवल ऑफ़ द फिटेस्ट’ की है। यहाँ असली चुनौती खुद को जिंदा रखने और वीडियो गेम से बाहर निकलने की है।

जेक कैसडन का निर्देशन जंगल के खूंखार पंजों के बीच फँसे किरदारों को दिखाने में सफल रहा है। दर्शक को महसूस होता है कि वह खुद खूंखार जानवरों के बीच फँसा हुआ है। यहाँ आपको कला के वे आयाम नहीं मिलेंगे जो तारकोवस्की के सिनेमा में हैं। हॉलीवुड की महानतम व्यवसायिक सफलता के बाद भी ईरान की फ़िल्में आपकी संवेदना को गहराई से प्रभावित करती हैं। सिनेमा में अद्भूत शक्ति है जो आपके जीवन की दिशा को बदलने में सक्षम है। जेक कैसडन एक सफल पेशेवर निर्देशक हैं। जंगल का खूंखारपन थ्री डी इफेक्ट्स में उभर कर आता है। चारो दोस्तों की बातचीत आपको हँसाती है।

ड्वेन जॉनसन के बारे में क्या कहना वे ऐसे ही सबके चहेते कलाकार नहीं हैं। अभिनय के अलावा भी कई ऐसे मानवीय गुण हैं जिसके कारण लोग किसी अभिनेता को स्टार बना देते हैं। केविन हार्ट अपने बातों और हाव-भाव से हँसाते हैं। कैरेन ने अच्छा काम किया है।

हॉलीवुड वाले ऐसे ही रोमांच पैदा करते रहे तो सिनेमा हॉल में लोगों को सीट बेल्ट लगाना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें :  बंद होगा पेटीएम अब आएगा पेटीएम पेमेंट बैंक

आईये हिंद वॉच मीडिया पर देखते हैं इस फिल्म का ऑफिसियल ट्रेलर :

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓