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मॉस्को, रुस
रूस ने वरीयता क्रम की तेज तर्रार स्पेन को रोमांचक मुकाबले के पेनल्टी सूट आउट में 4-3 गोल से हरा फीफा विश्व कप के अंतिम आठ में प्रवेश किया तो दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में एक पर्व का सा माहौल बन गया। दोनों टीमें अतिरिक्त समय में एक-एक से बराबर थीं। इससे पूर्व खेले गए नॉक-आउट में क्रोशिया ने अतिरिक्त समय तक खिंचे मैच में एक-एक गोल की बराबरी के बाद वरीयता क्रम में वरिष्ठ डेनमार्क को पेनल्टी शूट आउट में तीन-दो गोल से हराया। अब इन दोनों टीमों के बीच क्वॉर्टर फाइनल में मुकाबला होगा। स्पेन का यह भी दुर्भाग्य रहा कि सन 2012 के बाद वह नॉक-आउट का एक भी मैच नहीं जीत पाया है।

फीफा कप की वरीयता क्रम में 70वें नम्बर की रूस की टीम को बतौर मेजबान खेलने का मौका मिला था। रूस ने स्पेन को पूरे समय और फिर अतिरिक्त समय तक एक-एक गोल की बराबरी के बाद पेनल्टी शूट आउट में 4-3 गोल से हराया। इस मैच में स्पेन ने मैच के हार विभाग में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि रूस की टीम गोल की सुरक्षा में लगी रही। एक हजार पास और अधिकतर गेंद पर नियंत्रण के बावजूद खिताब की दावेदार स्पेन का यह दुर्भाग्य रहा कि वह मौकों का लाभ नहीं उठा सकी।
असल में रूस की जीत का नायक उसके कप्तान और गोलकीपर ईगोर एकीनीफीव रहे, जिन्होंने पेनल्टी शूट आउट में दो गोल बाखूबी बचाए। पेनल्टी शूट आउट में रूस के फीडॉर सिमोलोव, सर्गेई इगंश्चे एलेक्जेंडर गोलिन और डेनिस चेयशेव ने किए, जबकि स्पेन की ओर से कोक और लोग अस्पां के शाट रूसी गोली ने बाखूबी बचाए। स्पेन की ओर से आंद्रे इनिस्टीया, जीरारद पीक, सरगेए रामोस ने गोल किए।

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दिन के दूसरे मैच में भी क्रोशिया ने बेहतर खेल दिखाया। एक अनुभवी खिलाड़ियों से युक्त डेनमार्क ने शुरुआती मिनटों में ही एक गोल से बढ़त ली जब उसके जोनास नूड्सेन ने क्रोशिया के बॉक्स में एक लंबा ऊंचा थ्रो किया था। क्रोशिया के बॉक्स में ऐसी रेल-पेल मची कि उसकी रक्षा पंक्ति के खिलाड़ियों से गेंद गोलकीपर के पांवों में लिपटकर गोल में चली गई।
डेनमार्क के लिए यह क्षण अप्रत्याशित था। इसके तुरंत पश्चात डेनमार्क के मथाइस जागेन्सन ने गोल उतार जरूर दिया, पर एक एक की बराबरी पूरे समय के बाद अतिरिक्त समय तक बनी रही। क्रोशिया की ओर से गोल आंद्रे क्रमिक, लुका मड्रिक और इवान रेक्टिक ने किए, जबकि डेनमार्क की ओर से सिमोन तथा निकोलाई जोर्गेन्सेन ही कर पाए।

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