फ़ाइल फोटो
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सैन फ्रांसिस्को : फेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसने चीन की मोबाइल कम्पनी हुआवे सहित वहां की चार टेक कंपनियों के साथ डेटा लेन-देन में साझेदारी थी। इस पर अमेरिकी सिक्योरिटी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। हुआवे विश्व की तीसरी बड़ी मोबाइल निर्माता कम्पनी है। इसके मोबाइल फोन अमेरिका सहित दुनिया भर में इस्तेमाल किए जाते हैं। चीन की अन्य तीन मोबाइल कम्पनियां हैं- लेनोवा, ओपीपीओ और टीसीएल हैं।

अमेरिका के सब से बड़े समाचार पत्र ‘न्यू यॉर्क टाइम्स’ ने इस संदर्भ में जब कांग्रेस और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकृष्ट किया था तो देश भर में सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए जाने लगे थे। फेसबुक के वाइस प्रेसीडेंड फ़्रांसिस्को वारेला ने मंगलवार को यहां अपनी सफाई में कहा कि फेसबुक अमेरिका और चीन की अन्य कंपनियों के साथ मिल कर मोबाइल फोन सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एकजुट होकर काम करता रहा है।

फेसबुक ने एक सप्ताह पूर्व एक जांच एजेंसी के सम्मुख यह स्वीकार किया था कि उसके एप्पल सहित सैमसंग के साथ डाटा एप्लिकेशन में साझे हित हैं। फेसबुक ने ऐसे समय में करीब 60 कम्पनियों से समझौते किए थे, जब मोबाइल फोन प्रारम्भिक अवस्था में थे और तब ऐप स्टोर प्रचलन में नहीं थे।

उसने फोन निर्माताओं को तब मात्र सॉफ्टवेयर दिए थे, ताकि वे उनमें फेसबुक वर्जन का उपयोग कर पाएं। लेकिन गत अप्रैल में उसने साझेदारियां खत्म किए जाने का निर्णय ले लिया था। मंगलवार को आधी से अधिक साझेदारियां खत्म की जा चुकी हैं तथा हुआवे से इस सप्ताह में खत्म हो जाएंगी। इस संबंध में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि चीन सरकार स्मार्ट फोन और इसके उत्पादों का खुफिया जानकारी के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। हुआवे इन आरोपों से इनकार करती रही है।

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