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इस बार का आम बजट 2018 पेश करने वित्त मंत्री अपनी टीम के साथ संसद भवन पहुंच चुके हैं। कहा जा रहा है कि इस बार बजट पेश करने की भाषा हिंदी, इंग्लिश रहेगी। ऐसा हिंदी बेल्ट के राज्यों को ध्यान में रखते हुए किये जाने का प्रचार किया जा रहा है।

हालांकि आम जनता को इस से खाक फर्क नहीं पड़ता कि बजट की भाषा क्या होगी, उन्हें तो बस इस बात से फर्क पड़ता है कि बजट से उनकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।

अब इस साल का बजट तो आज पेश हो ही जायगा, जरा फ्लैशबैक में जाकर देखते कि पिछले बजट में टैक्स स्लैब क्या था, ताकि पता चल सके इस बार फायदे का बजट है या नुकसान का।

जाहिर है सबकी नजरें इनकम टैक्स में राहत पर टिकी हुई हैं। देश भर के नौकरीपेशा लोग इस बजट में आयकर छूट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि जेटली इस बार मौजूदा टैक्स छूट 2.5 लाख को बढ़ाकर 3 लाख कर सकते हैं। इससे हजारों नौकरीपेशा लोगों को फायदा मिल सकता है।

फिलहाल पुराना स्लैब जानते हैं।

इनकम टैक्स स्लैब (60 साल से कम उम्र वालों के लिए)
आय 2017-18 नई दर
0 से 2.5 लाख रुपए : 0%
2.5 लाख से 5 लाख : 5%
5 लाख से 10 लाख : 20%
10 लाख से ऊपर : 30%

3.5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर 87-ए के तहत 2500 रुपये की छूट मिलती है। यानी कि आपके कुल टैक्स में से 2500 रुपये घट जाते हैं। इस वजह से 3 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री हो जाती है।

सरचार्ज: 50 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए तक की आय पर 10 फीसदी सरचार्ज, जबकि एक करोड़ रुपए से ऊपर की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज।

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सेस: कुल आमदनी पर 3 फीसदी सेस और साथ में सरचार्ज लगता है।

इनकम टैक्स स्लैब (सीनियर सिटीजन 60-79 साल )
आय मौजूदा दर नई दर
0 से 3 लाख रुपए : 0%
3 लाख से 5 लाख : 5%
5 लाख से 10 लाख : 20%
10 लाख से ऊपर : 30%

सरचार्ज: 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की आय पर 10 फीसदी सरचार्ज, जबकि एक करोड़ रुपये से ऊपर की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज ।
सेस: कुल आयकर पर 3 फीसदी सेस और साथ में सरचार्ज।

इनकम टैक्स स्लैब (80 और उससे ज्यादा उम्र)
आय मौजूदा दर नई दर
0 से 5 लाख : 0%
5 लाख से 10 लाख : 20%
10 लाख से ऊपर : 30%

सरचार्ज: एक करोड़ रुपये से ऊपर की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज।

सेस: कुल आयकर पर 3 फीसदी सेस और साथ में सरचार्ज।

अब अगर इस स्लैब से बेहतर बजट पास होता है और जनता को राहत मिलती है टैक्स और बैंक लेनेदेन से जुड़ी सुविधाओं पर, तब तो ठीक है। वरना जनता के लिए एक और सिरदर्दी से ज्यादा कुछ नहीं होगा यह बजट।

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