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सरकारी अनदेखी का शिकार हो रहें हैं प्रतिभावान बच्चे

  • स्कूल में चहारदीवारी तक नहीं
  • विज्ञान पढ़ने वालों के लिए कोई प्रयोगशाला नहीं
  • अपने दम पर शिक्षकों ने तैयार किए बाल वैज्ञानिक
  • स्कूल की एक छात्रा प्रीत मणि पटेल राष्ट्रीय स्तर की ख़िलाड़ी हैं
  • स्कूल के बच्चों ने मिठोरा ब्लाक में आयोजित विज्ञान मेले में टॉप किया
  • सरकारी अनदेखी का शिकार यह पूर्व माध्यमिक स्कूल उत्तर प्रदेश में महाराजगंज के मिठोरी ब्लाक के  नदुआ में है

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सरकारी स्कूलों में छात्रों का रोना रोने वाले अध्यापकों के लिए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के मिठोरी ब्लाक का पूर्व माध्यमिक स्कूल नदुआ एक मिसाल है| युवा शिक्षको के दम पर स्कूल के हेडमास्टर ने स्कूल में पढ़ाई का ऐसा माहौल बनाया कि पास पड़ोस के कान्वेंट स्कूल में शिक्षा का व्यवसाय ठंडा पड़ गया| टाई बेल्ट व जुते से अपडेट सरकारी स्कूल के बच्चों को यहाँ के शिक्षकों ने ऐसा तराशा कि बाल वैज्ञानिकों ने मिठोरा ब्लाक में आयोजित विज्ञान मेले में टॉप किया|

नदुआ बाज़ार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 171 छात्र और छात्राएं हैं जिसमे छात्राओं कि संख्या 50 प्रतिशत है| यहाँ तैनात युवा शिक्षक संजय पटेल व  तीन अनुदेशकों ने आस पास के गाँव में जा जा कर अभिवावकों में परिषदीय शिक्षा का विशवास जगाया| अभिवावकों को प्रोत्साहित कर छात्रों को जूता, बेल्ट व टाई से लेस कराया| नियमित होमवर्क देकर लेसन प्लान के तहत पढ़ाकर उनके अध्यान स्तर को बढ़ाया| अब बच्चे इस लायक हो गए हैं कि अंग्रेजी में बोलने में उनकी ज़बान ज़रा भी नहीं लड़खड़ाती|मिठोरा ब्लाक के इस स्कूल कि प्रतिभा का बेसिक शिक्षा विभाग भी कायल है| लेकिन इस स्कूल को अभी तक चार दीवानी नहीं मेयासर हो पाई है| जहाँ बच्चे खेते हैं वह मैदान मुख्य सड़क से नीचे है| जहाँ पर बरसात में बच्चे खेल अभियास भी नहीं कर पाते हैं| अफ़सोस करने वाली बात यह है कि प्रोग्शाला कि दौड़ में सबसे आगे रहने वाला यह स्कूल सहुल्तो के  अभाव में पिछड़ गया| हेडमास्टर रामधारी प्रसाद ने बताया कि “चारदीवारी नहीं होने कि वजह से स्कूल में पौधे भी नहीं लग पाते हैं |” इसी स्कूल की एक छात्रा प्रीत मणि पटेल राष्ट्रीय स्तर की ख़िलाड़ी भी हैं |

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