(दिवंगत पारा शिक्षक मनोज कुमार)
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सिमडेगा से ग्रास रूट रिपोर्टर देवदर्शन बड़ाईक की रिपोर्ट
पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के आरोप में पिछले चार वर्षों से जेल में बंद झापा सुप्रीमो सह कोलेबीरा विधायक एनोस एक्का के भविष्य का फैसला आज शनिवार को होगा। एडीजे के कोर्ट में चल रही सुनवाई खत्मध हो जाने के बाद शनिवार को मुकदमे के फैसले की तिथि निर्धारित की गई है। इधर विधायक के केस के फैसले को लेकर पूरे जिले में चर्चा जोरों पर है। हर लोग फैसले को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं।

(हत्या का आरोपी पूर्व कैबिनेट मंत्री एनोस एक्का)

क्या है मामला?
यह मामला 26 नवंबर 2014 का है। शिक्षक मनोज कुमार लसिया शाहपुर प्रखंड संघर्ष समिति और कोलेबिरा प्रखंड पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे। 26 नवंबर 2014 को दोपहर करीब दो बजे लसिया निवासी पारा शिक्षक मनोज अपने साथी पारा शिक्षक संजू नायक के साथ स्कूल में बैठे थे। विद्यालय के प्राचार्य कुलेश्वर साहू किसी काम से बाहर थे। तभी मोटरसाइकिल से दो हथियारबंद लोग वहां पहुंचे और जबरन मनोज को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए। अपराधियों ने संजू को इसकी जानकारी किसी को नहीं देने की धमकी दी थी।

 

अपनी सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री से मनोज कुमार ने लगायी थी गुहार
मनोज कुमार ने पहले ही शिकायत की थी कि एनोस एक्का उन्हें जाने से मारने की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन भी सौंपा था। सुरक्षा की गुहार लगायी थी।

हत्या के बाद हुई थी विधायक की गिरफ्तारी
पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के बाद पुलिस रात दो बजे एनोस एक्का के ठाकुरटोली आवास पहुंची थी। एनोस एक्का को गिरफ्तार कर थाना लाया गया था। फिर देर शाम उन्हें जेल भेज दिया गया था। मृत पारा शिक्षक मनोज कुमार के भाई ने कोलेबिरा थाने में एनोस एक्का व पीएलएफआइ के एरिया कमांडर बारूद गोप सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उनके खिलाफ धारा 364 (ए), 216, 120 (बी), 17 सीएलए एक्ट सहित अन्य धाराएं लगायी गयी थीं।

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फैसले से पहले मामले में आया नया मोड़
फैसले से सिर्फ चार दिन पहले ही पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्याकांड मामले में एक नये मोड़ की ख़बर मीडिया में सुर्ख़ियों में रही। बताया गया कि इस मामले में एक नया मोड़ आ सकता है। दरअसल, सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर करने वाला सिमडेगा के बानो कोलेबिरा एरिया के कमांडर विक्रम गोप ऊर्फ बारूद गोप ने एक बार फिर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके मांग किया कि उसे कोर्ट में बुलाकर गवाही दिलाई जाए। वह सारी स्थिति स्पष्ट करेगा। उसने बताया कि उसे सरकारी गवाह बनने का मौका मिला, पर उसकी गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई। गवाही के समय वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में था। मामले का मुख्य आरोपी एनोस एक्का भी वहीं है। ऐसे में वह अपनी बातें ठीक से नहीं रख सका।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के मामले में कोर्ट विधायक एनोस एक्का को क्लीन चिट देकर रिहा करती है या सजा देती है। इस बार पारा शिक्षक मनोज कुमार हत्या मामले को लेकर जेल में बंद विधायक एनोस एक्का की रिहाई की उम्मीद जताते हुए विधायक के खाशमकख़ास कारिंदे रांची पहुंच चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट से क्या फैसला दिया जाता है। इस मामले को लेकर दिवंगत पारा शिक्षक मनोज कुमार के परिजनों, मित्रों को भी कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार है।
पोस्टल कोड 835201 835211 835212 835223 835226 835228 835235

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