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कोडरमा, झारखंड
र्थिक तंगी के कारण इलाज के अभाव में मेघातरी की एएनएम अनिता कुमारी(45) की मौत शुक्रवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। अनिता कुमारी को आठ माह से वेतन नहीं मिला था जिसके कारण वह अपना ठीक से इलाज नहीं करवा पा रही थी। इस घटना के बाद सदर अस्पताल में कार्यरत एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों ने विभाग के रवैया के खिलाफ जमकर हंगामा किया। परिजनों के अनुसार आवंटन के अभाव में पिछले 8 महीने से एएनएम को वेतन नहीं मिला था।

जानकारी के मुताबिक एएनएम पिछले एक वर्ष से बीमार थी और वह डायलिसिस पर चल रही थी। हर महीने हजारों रुपए का खर्च मुश्किल से जुगाड़ हो पा रहा था। दूसरी तरफ पति भी बीमार रहते थे। बीमारी के कारण मृतक एएनएम की स्थिति काफी दयनीय हो गई थी, ऊपर से आठ महीने से वेतन नहीं मिला था। जिसके कारण वह अपना इलाज कर्ज लेकर कराने को मजबूर थी।

बीमारी में लाखों रूपए खर्च हो गए थे और वह कर्ज में डूबी हुई थी। जिसके कारण वह घर का किराया भी नहीं दे पा रही थी। उसपर घर खाली करने का दबाव दिया जा रहा था। वहीं राशन दुकानदार ने राशन देने से इनकार कर रहे थे। इस कारण घर की माली हालत काफी खराब हो गई थी।

इस मामले को लेकर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा जब एक माह पूर्व ही सीएस द्वारा सभी प्रखंडों में वेतन निर्गत करने का नर्देश दिया गया था तो वेतन निर्गत क्यों नहीं हुआ। अगर समय पर वेतन मिल जाती तो शायद एएनएम की जान बच जाती। उन्होंने सीएस से लापरवाह प्रभारी को हटाने की मांग की है।

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