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कई बार बयान ऐसे आते हैं कि नेताओं की बेइज्जती करा जाते हैं क्योंकि वे इन बयानों पर खरे नहीं उतर पाते, फिलहाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया है। बयान के मुताबिक़ वे कभी सीएम नहीं बनेंगे।

दरअसल उन्होंने कहा है कि वह मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जो भूमिका उन्हें सौपेंगे, भविष्य में वह उसी पर काम करेंगे।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने 3,100 किमी की नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा सोमवार को 192वें दिन मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट पर समाप्त की। इस वजह से वह लगभग 6 महीने तक राजनीति से दूर रहे। दिग्विजय सिंह का कहना है कि कांग्रेस को मध्य प्रदेश चुनाव में एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है और वह सभी नेताओं को एक साथ लाने का काम करेंगे।

बता दें कि दिग्विजय ने कहा, ‘मैं पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की रेस में नहीं हूं। मैं राज्य में दो बार मुख्यमंत्री रह चुका हूं और मुझे अब मुझे इसके लिए कोई अभिलाषा नहीं है। मैं इस बार कांग्रेस को यहां जीतते हुए देखना चाहता हूं।’

इतना ही नहीं दिग्विजय ने कहा, ‘मेरा उद्देश्य सभी गुटों को साथ लाकर मध्य प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ एक टीम गठित करना है।’ उन्होंने आगे कहा कि वह 14 साल के केंद्र में काम कर रहे हैं और पार्टी द्वारा सौंपी गई किसी भी जिम्मेदारी को खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे।

उनके मुताबिक़ , ‘मैं उस तरह का व्यक्ति नहीं हूं जो मन में पछतावा रखे। मेरे अधिक बोलने की वजह से ही मैं बीजेपी और आरएसएस की आंखों का काटा बन गया था। मैं इस बात का मलाल नहीं रखता हालांकि अब मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा। मैं सिर्फ जब उनके विचारों से सहमत नहीं हूं तभी कुछ कहूंगा। अब राहुलजी के पास पूरी टीम है।’

दिग्विजय सिंह मानते हैं कि आगे की लड़ाई मुश्किल हो रही है यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास अपनी मां की तरह विपक्ष के खिलाफ शक्ति जुटाने और सामने से नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को अधिक स्मार्ट और जमीन पर सोचने की जरूरत है। हमें पूर्व आंकलन, पूर्व कार्रवाई और अजेंडा सेट करना चाहिए।’

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