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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हर खेत में पानी पहुंचे और किसान की आय में दोगुनी वृद्धि हो, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान का समग्र विकास ही सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय के सभागार में पलामू जिले की मलय जलाशय योजना एवं गढ़वा जिले की अन्नराज जलाशय योजना की सिंचाई क्षमता को पुनर्बहाल करने एवं नहर प्रणाली का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य का ऑनलाइन शिलान्यास करने के  दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मलय जलाशय योजना के पुनर्बहाल होने से पलामू जिला के सतबरवा प्रखंड के 27 गांव, मेदिनीनगर प्रखंड के 42 गांव एवं लेस्लीगंज प्रखंड के 36 गांव लाभान्वित होंगे। 63 हजार अनुसूचित जाति एवं जनजाति की आबादी सहित 1 लाख 55 हजार लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पुनरुद्धार कार्य में मलय मुख्य नहर के 5.34 किमी से 40.839 किमी तक लेस्लीगंज शाखा नहर के 30.506 किमी तक पुनर्स्थापन एवं लाइनिंग कार्य किया जाएगा। डैम की मरम्मति एवं अन्य क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनरुद्धार कार्य कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना का पुनरुद्धार एवं क्षतिग्रस्त नहर का लाइनिंग कार्य 84.68 करोड़ रुपए की लागत से राज्य सरकार द्वारा शुरू कराया जा रहा है। इस परियोजना में अन्नराज मुख्य नहर के 14.812 किमी एवं आद्रा मुख्य नहर के 12.00 किमी तक पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य करते हुए योजना के हेड रेगुलेटर, सीडी संरचना, आउटलेट तथा बीच में अवस्थित पुल का निर्माण एवं मरम्मति किया जाएगा।

रघुवर दास ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 22 सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर इनका कार्य भी प्रारम्भ किया जाएगा। इन 22 योजनाओं को 414 करोड़ रुपए की लागत राशि से पूरी की जाएगी, इससे 23,520 हेक्टयर सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में लघु सिंचाई प्रक्षेत्र में चेकडैम की 495 योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। 812 चेकडैम का कार्य 2018-19 में पूर्ण कराने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त कर 70,688 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का सृजन किया जा सकेगा। इसके अलावे 134 पुनर्स्थापन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। 431 पुनर्स्थापन योजनाओं का कार्य इस वर्ष पूरी कर ली जाएगी। इस कार्य के पूर्ण होने से 31,182 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता पुर्नस्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलामू प्रमंडल में सिंचाई व्यवस्था को विकसित कर किसानों को समृद्ध किए जाने पर राज्य सरकार विशेष फोकस कर रही है। इन योजनाओं के अतिरिक्त भी पलामू प्रमंडल में सदावह सिंचाई योजना, बुटनडुबा जलाशय योजना, सोनरे सिंचाई योजना, जिंजोई सिंचाई योजना, दानरो जलाशय योजना, पण्डरवा जलाशय योजना, बतरे जलाशय योजना, रामघाट सिंचाई योजना, नकटीनाला जलाशय योजना, ऊपरी करवार सिंचाई योजना, बिरहा सिंचाई योजना, चोरडण्डा सिंचाई योजना, फुलवरिया सिंचाई योजना सहित 14 पुरानी सिंचाई योजना का पुनरुद्धार कार्य किया जा रहा है।

ऑनलाइन शिलान्यास के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू सांसद श्री बीडी राम और स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को बधाई और धन्यवाद दिया। सांसद बीडी राम ने कहा कि राज्य सरकार ने पलामू के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष ध्यान दिया है। पलामू वासियों के लिए आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। मलय जलाशय एवं अन्नराज जलाशय योजना का शिलान्यास होने से पलामू के किसानों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पूरा विश्वास है कि इन योजनाओं का सीधा लाभ इस क्षेत्र के किसानों को मिलेगा और किसान समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राज्य के तीव्र विकास के लिए हर सेक्टर में अच्छा कार्य किया है।

वहीं, स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि मलय जलाशय एवं अन्नराज जलाशय योजना का शिलान्यास होना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए सदैव तत्पर है। पलामू एवं गढ़वा जिला में इन सिंचाई योजनाओं का पुनरुद्धार होना यहां के किसानों के लिए एक नायाब तोहफा है।

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