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सासन, यूआईएडीआई( विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण ) के पंजीकरण और बदलाव की जिम्मेदारी का काम निजी आधार सेंटर संचालकों से छीनकर सरकारी संस्थानों को सौंपे जाने वाला सरकार का फैसला अब लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है।

लोगों को अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर पंजीकृत कराने तथा अन्य बदवाल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं सरकारी संस्थानों में आधार कार्ड बंद पड़ा होने के कारण लोगों को और भी परेशानी हो गई हैं।

बता दें कि सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाए जाने और उनमें संशोधन कराए जाने का कारण कर रहे निजी संस्थानों को बंद करने के बाद लोगों को इधर-उधर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सासनी में किसी भी बैंक में आधार पंजीकरण और संशोधन का कार्य नहीं किया जा रहा है। एक दो जगहों पर जहां कार्र किया जा रहा हैं वहां काफी भीड़ लगी होने या फिर इंटरनेट सर्वर न आने के कारण लोगों को सभी काम छोड़कर पूरा-पूरा दिन भटकना पड़ रहा है।

वहीं शीर्ष अदालत द्वारा आधार से मोबाइल, पेनकार्ड, आदि को जोड़ने  की अंतिम तारीख बढ़ाने से इंकार कर दिया है।

इसे लेकर लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई हैं। क्योंकि समय सीमा समाप्त होने से पूर्व आधार लिंक कराना आवश्यक हैं।

इसलिए लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। जिन युवतियों का कुछ माह पूर्व विवाह हुआ हैं उनके  आधार कार्ड में पिता के नाम को हटाकर पति का नाम दर्ज कराना है।

और भी बदलाव कराने है तो उसके लिए युवतियों को भी अपनी ससुराल में पतियों के साथ अधार केन्द्र ढूढने पड़ रहे हैं मगर आधार केन्द्र न मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से निजी केन्द्रों के संचालन की मान्यता देने की मांग की है।

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