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मुंबई
घाटकोपर स्थित सर्वोदयनगर इलाके में गुरुवार को एक चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें एक राहगीर समेत 5 लोगों की मौत हो गई। विमान जहां गिरा है वह रिहायशी इलाका है। विमान का ब्लैक बाक्स भी बरामद कर लिया गया है। विमान के मलबे से 5 शव बरामद किए गए हैं। इनकी पहचान महिला पायलट मारिया, को-पायलट प्रदीप राजपूत, टेक्निशियन सुरभि और मनीष पांडे के रूप में हुई है, जबकि राहगीर का शव राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कुछ देर बाद एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गयी। इसी बीच दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है। इससे दुर्घटना के कारणों का पता लग सकेगा।
बताया जा रहा है कि पायलट इस विमान को निर्माणाधीन इमारत की तरफ ले गया ताकि ज्यादा लोग हताहत ना हों। यदि इस विमान का मलबा किसी इमारत अथवा पास की चिरागनगर झोपड़पट्टी पर गिरता तो सैकड़ों जानें जा सकती थीं। पुलिस के मुताबिक विमान जागृति बिल्डिंग के नजदीक एक निर्माणाधीन इमारत के पास गिरा।
इस बीच नागरिक उड्डयन विभाग ने विमान के यूपी सरकार के होने के दावे को गलत बताया है। बता दें कि दुर्घटना के बाद कहा जा रहा था कि क्रैश हुआ विमान यूपी सरकार का वीटी-यूपीजेड (किंग एयर सी-90) है। हालांकि नागरिक उड्डयन विभाग ने साफ कर दिया कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान यूपी सरकार का नहीं है, यूपी के सभी विमान राज्य में मौजूद हैं। जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वह वर्ष 2014 में ही बिक चुका है। उसको मुंबई की एक कंपनी ने खरीदा था। यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने कहा कि मुंबई में जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है उसे सरकार ने 2014 में ही बेच दिया था।
एक अन्य जानकारी के मुताबिक ब्रिजक्राफ्ट नामक अमेरिकन कंपनी की ओर से बनाए गए इस विमान को पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीदा था। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस विमान को यूवाई एविएशन कंपनी को वर्ष 2014 में बेच दिया था। यह विमान इसके पहले इलाहाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। गुरुवार को जुहू एयरोड्रम से पायलट मारिया, को-पायलट प्रदीप राजपूत, टेक्निशियन सुरभि और मनीष पांडे विमान पर सवार होकर तकनीकी परीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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