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रांची, झारखंड
न्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कोतवाली में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ धारा 370 मानव तस्करी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है।

दरअसल झारखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने बताया कि मानव तस्करी की शिकार हुई मांडर की रहने वाली पीड़िता सुनीता टोप्पो ने फोटो देखकर सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की पहचान की है। पीड़िता को 25 अक्टूबर को दिल्ली से रेस्क्यू किया गया था।

सुनीता ने बताया है कि वह पिछले तीन महीने से वर्मा के वसंत विहार स्थित फ्लैट में घरेलू नौकरानी के रूप में काम कर रही थी, लेकिन काम के बदले ना तो उसे तनख्वाह मिल रही थी और ना ही घर वालों से बात करने की इजाजत।

उसके बयान के आधार पर ही महिला थाने ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें आलोक वर्मा के अलावा सुनीता को गांव से दिल्ली ले जाने वाली महिला निशी और उसे आलोक वर्मा के घर पहुंचाने वाले बिहार निवासी गोविन्द का भी नाम शामिल है।

महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने बयान देते समय बताया कि रेस्क्यू कराने के बाद कई वह डर थी। इसलिए वह एफआईआर दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। बुधवार को घर वालों से बातचीत के बाद वह बयान देने के लिए राजी हुई।

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