Tuesday, August 21, 2018

अब्बा (संस्मरण) : शबाना आज़मी

पुस्तक अंश : आज के प्रसिद्ध शायर - कैफी आजमी (चुनी हुई शायरी) कै़फ़ी आज़मी एक व्यक्ति न होकर एक पूरा युग हैं और उनके...

चुप रहकर क्यूँ सहना, मैंने तो मनचले की खाल नोंच ली...

लड़कियों प्रतिरोध करो, जायरा को चीखना चाहिए था। सिर आसमान पर उठा लेना चाहिए था। कोई आपको मोलेस्ट कर रहा है, तब आप चुप...
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com

हिंद वॉच मीडिया के बारे में दोस्तों को बताएं

  • Follow by Email
  • Facebook
    Facebook
  • Google+
    http://hindwatch.in/category/%E0%A4%B8%E0%A5%83%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%A3">
  • Twitter
  • YouTube
  • LinkedIn