Tuesday, May 22, 2018

‘ऐट क्रिसमस टाइम्स (क्रिसमस के समय में)’ : एंटन चेखव

कथाकार : एंटन चेखव (मशहूर रूसी लेखक) अनुवाद : प्रेमचंद गांधी ‘मैं क्‍या लिखूं’, येगोर ने कहा और उसने अपनी कलम स्‍याही में डुबो दी। वसीलिसा अपनी...

गोडसे पर आधारित नाटक में बवाल, बीएचयू की इजाजत पर जांच...

एक नाटक को लेकर काफी बवाल हो रहा है, नाटक भी ऐसा जो सुनने में ही विवादास्पद लगता है। दरअसल काशी हिंदू विश्वविद्यालय( बीएचयू)...

तुम्हारे साथ रहकर (कविता) : सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गयी हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गयी है जो खचाखच...

कस्तूरी कुंडल बसै… (व्यंग्य)- इष्ट देव सांकृत्यायन

पता नहीं, भ्रष्टाचार जी ने कुछ लोगों का क्या बिगाड़ा है जो वे आए दिन उनके पीछे ही पड़े रहते हैं। कभी धरना दे...

लीडर-लाला (व्यंग्य)- हरिशंकर शर्मा

 एक खास किस्म का समझदार जंतु होता है, जो हर मुल्क और मिल्लत में पाया जाता है। उसे कौम के सर पर सवार होना...

यह धरती सबकी है-(बाल कहानी)- सत्यनारायण भटनागर

शेरू, स्वीटी और कालू अस्पताल क्षेत्र में स्थाई रूप से निवास करते हैं। शेरू खूंखार दिखता है। जब गुस्सा आता है, तब दहाड़ता है...

सिपाही की माँ (नाटक)- मोहन राकेश

देहात के घर का आँगन, अँधेरा और सीलदार आँगन के बीचोबीच एक खस्ताहाल चारपाई पड़ी है। एक और वैसी ही चारपाई दीवार के साथ...
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