Monday, October 22, 2018

रीढ़ की हड्डी (नाटक)- जगदीशचंद्र माथुर

उमा : लड़की रामस्‍वरूप : लड़की का पिता प्रेमा : लड़की की माँ शंकर : लड़का गोपालप्रसाद : लड़के का बाप रतन : नौकर बाबू : अबे, धीरे-धीरे चल!... अब...

सिपाही की माँ (नाटक)- मोहन राकेश

देहात के घर का आँगन, अँधेरा और सीलदार आँगन के बीचोबीच एक खस्ताहाल चारपाई पड़ी है। एक और वैसी ही चारपाई दीवार के साथ...

नुक्कड़ नाटक के जरिए  ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का सदेश

हाथरस। दिल्ली पब्लिक स्कूल, हाथरस का उद्देश्य है कि समाज में छिपी हुई बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया जाए और समाज को...

डायन कुप्रथा पर आधारित नाटक का मंचन

हिंद वॉच ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल : शहर के शहीद भवन में इन दिनों रंग त्रिवेणी नाट्य उत्सव-4 का आयोजन किया जा रहा है। इस नाट्य उत्सव में...

भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है सरायकेला छऊ

छऊ भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है और यह सभी भारतीय नृत्यों एवं नाट्य कलाओं का भारतीय मानस के अनुरूप समावेश...

सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस कार्यक्रम संपन्न

नई दिल्ली। गत 10 मार्च को नई दिल्ली स्थित गाँधी शांति प्रतिष्ठान में सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन तीन सामाजिक संस्थाओं...

मर्द और औरत (नाटक)- रशीद जहाँ

औरत - अरे फिर आ गये! मर्द - जी हाँ औरत - अभी कल ही तो आप शादी करने गये थे! मर्द - गया तो था! औरत -...