Friday, February 23, 2018

मार्केट वैल्यू (कविता)- अनवर सुहैल

जो है जैसा भी है ग्राह्य नही किसी को... दिखे नहीं सो बिके नहीं अब बिके नहीं तो कौन पुछवैया... चाल बदलकर, ढाल बदलकर घड़ी-घड़ी में भेष बदलकर चकमा देने वाले...

कोलकाता लघु पुस्तक मेला में कविता उत्सव का आयोजन किया गया

कोलकाता, रविन्द्र अकोकुरा भवन परिसर में आयोजित लिटिल मैगजीन मेले में मरुतृण साहित्य पत्रिका, सदीनामा साहित्य पत्रिका, साहित्य त्रिवेणी साहित्य पत्रिका एवं विनिर्माण (बंगला)...
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