Wednesday, December 19, 2018

राजस्थान में आयोजित होगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिखाई जाएगी बच्चों की...

जयपुर, राजस्थान राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में जनवरी 2019 के अंतिम सप्ताह में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह...

प्लीज, जल्दी सजेस्ट कीजिए (व्यंग्य)

उन्होंने अबके दशहरे में जलाने को रावण का आधा पौना पुतला तैयार किया और मेरे घर मेरी कस्टडी में इसलिए छोड़ गए कि मैं...

बू (कहानी) : सआदत हसन मंटो

बरसात के यही दिन थे। खिड़की के बाहर पीपल के पत्ते इसी तरह नहा रहे थे सागवन के स्प्रिन्गदार पलंग पर, जो अब खिड़की...

स्वच्छताग्रहियों के हत्थे चढ़ गए बापू (व्यंग्य)

मेरे बापू भी देश के बापू की तरह प्रयोगधर्मी थे। वे भी परिवार के लिए तरह तरह के प्रयोग किया करते थे। पर उनके...

हमारी बेटियाँ (कविता) : आकांक्षा यादव

हमारी बेटियाँ घर को सहेजती-समेटती एक-एक चीज का हिसाब रखतीं मम्मी की दवा तो पापा का आफिस भैया का स्कूल और न जाने क्या-क्या। इन सबके बीच तलाशती हैं अपना भी वजूद बिखेरती...

दलित कवियों की दमदार उपस्थिति दर्ज कराएगी “बिहार-झारखण्ड की चुनिन्दा दलित...

अमूमन ऐसी चर्चा होती है कि दलित रचनाकारों को मुख्यधारा के साहित्यिक पटल पर समुचित स्थान नहीं मिल पाता है। ऐसी ही चिंता को...

शोकसभा के विविध आयाम (व्यंग्य) : सुशील सिद्धार्थ

मेरे सामने अजीब संकट आ गया है। इसे धर्मसंकट की तर्ज़ पर शोकसंकट कहना ही उचित है। मुझे किसी न किसी बहाने इस शोक...

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, हिन्दी लेखनी में एक ऐसा नाम जिनसे कोई...

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हिन्दी साहित्य जगत के एक ऐसे शख्स हैं, जिनकी लेखनी से कोई विधा अछूती नहीं रही। चाहे वह कविता हो, गीत...

मुंडन- हरिशंकर परसाई

किसी देश की संसद में एक दिन बड़ी हलचल मची। हलचल का कारण कोई राजनीतिक समस्या नहीं थी, बल्कि यह था कि एक मंत्री...

अपील का जादू (व्यंग्य) : हरिशंकर परसाई

एक देश है! गणतंत्र है! समस्याओं को इस देश में झाड़-फूँक, टोना-टोटका से हल किया जाता है! गणतंत्र जब कुछ चरमराने लगता है, तो...