Sunday, October 21, 2018
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    हिंदी राजभाषा नहीं लोकभाषा

    दिल्ली के एक नामचीन पब्लिक स्कूल के कक्षा तीन के बच्चे को गृह-कार्य डायरी में लिख कर भेजा गया कि बच्चे का ‘श्रुत लेखन’...

    नोटबंदी के दौरान हुई मौतों का हिसाब किसके पास है ?

    आज दो महत्वपूर्ण आरटीआई का जिक्र करना इसलिए जरुरी है क्यूंकि देश 72वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने जा रहा है। यह कोई मामूली...

    2019 में मोदी के फिर चुने जाने की संभावना घटी :...

    नई दिल्ली नरेंद्र मोदी के 2019 में दोबारा चुने जाने की उम्मीद 99% से घटकर मौजूदा वक्त में 50 फीसदी रह गई है। साल 2017...

    बच्चियों के दर्द पर चुप क्यूँ है समाज ?

    पिता राधामोहन ने सन 1982 में 'प्रातःकमल' के नाम से एक अखबार प्रारंभ किया था। बाद में ब्रजेश ने अपने पिता की विरासत को...

    सिर्फ भूख ने नहीं मारा मंडावली की तीन बेटियों को

    मुजफ्फरपुर, फिर एनआरसी और कांवड़िये… ऐसे ही नए मुद्दे क्या खड़े हुए कि समाज भूल गया कि दिल्ली में संसद से बामुश्किल 12 किलोमीटर...

    सुलगते असम की आंच में सिकती राजनैतिक रोटियां

    बहुप्रतिक्षित राष्ट्रीय नागरिक पंजी यानि एनआरसी का पहला ड्राफ्ट आते ही सीमावर्ती राज्य असम में तनाव बढ़ गया है। सूची में घोषित आतंकी व...

    बरसात में क्यूँ जलमग्न हो जाते हैं हमारे शहर?

    आषाढ़ की पहली बरसात में एक घंटे पानी क्या बरसा राजधानी दिल्ली व उससे सटे शहर ठिठक गए। सड़ाक पर दरिया था और नाले...

    प्रधानमंत्री जी, न आप गांधी हैं और न अडानी-अंबानी, जमनालाल बजाज...

    प्रिय प्रधानमंत्री जी, न आप गांधी है और न अडानी-अंबानी, जमनालाल बजाज है... “उद्योगपतियों के साथ खडे होने पर आप भले न डरे, लेकिन सोचिए जरूर,...

    बीमार नागरिकों का देश कैसे बन पाएगा विश्वगुरु ?

    साल 2015 में भारत में करीब 28 लाख टीबी के मरीज थे। भारत में टीबी के मरीजों की संख्या अनुमान से तीन गुणा ज्यादा...

    न्यूजरूम के तनाव से हो रही खबरनवीसों की मौतों से मालिक...

    मालिक की पूंजी का पेट मुनाफे से ही भरता है, इसलिए अखबार को हल हाल में छपना होता है। चाहे आतंकवादियों की गोली हो...