Print Friendly, PDF & Email

सत्ता का लालच क्या नहीं करवाता। लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या उसमें सबसे पहला काम है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव खत्म हो गए लेकिन सरकार बनाने में लिए कांग्रेस के सही दावे को पीछे करते हुए भाजपा ने सामदाम दंड भेद लगाकर राज्यपाल और सुप्रीम कोर्ट से राहत पा ली है और अब बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।

गौरतलब है कि वह तीसरी बार राज्य के सीएम बने हैं और राज्य के 25वें मुख्यमंत्री हैं। अब येदियुरप्पा के सामने सबसे बड़ी चुनौती विधायकों के हस्ताक्षर जुटाकर बहुमत साबित करना है। इसी बीच कांग्रेस के नेताओं ने बेंगलुरु असेंबली में अपना विरोध-प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की कोशिश की थी लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक ड्रामे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा है कि बीजेपी जब अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी, भारत लोकतंत्र की हार पर शोक मना रहा होगा।

राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने लिखा कि बीजेपी तर्कहीन हठ कर रही है कि सरकार बनाएगी। उन्होंने लिखा कि साफ है कि बीजेपी के पास संख्याबल नहीं है। ऐसे में यह संविधान का मजाक उड़ाए जाने जैसा है।

उधर कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला की तरफ से सरकार बनाने का निमंत्रण मिलने के बाद गुरुवार को बीजेपी विधायक दल के नेता येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ले ली है।

बीजेपी के पास बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन आंकड़ों को पक्ष में करने के लिए खास योजना है। बीजेपी को विपक्षी दलों के उन लिंगायत विधायकों से उम्मीद है जो कांग्रेस-जेडीएस के पोस्ट पोल गठबंधन से नाराज बताए जा रहे हैं क्योंकि इसका मुखिया वोकलिंगा समुदाय के कुमारस्वामी को बनाया गया है।

खबरों में बताया जा रहा है कांग्रेस और जेडीएस के करीब दर्जन भर लिंगायत विधायक अपने समुदाय से आने वाले सबसे बड़े नेता येदियुरप्पा के नाम के पीछे जा सकते हैं। कांग्रेस की तरफ से अल्पसंख्यक समुदाय का कार्ड चलने के बावजूद लिंगायत समुदाय ने चुनावों में बड़े पैमाने पर बीजेपी का साथ दिया।

कर्नाटक में वोकलिंगा और लिंगायत समुदाय के तबसे अदावत चली आ रही है जब 2007 में बीजेपी के साथ कार्यकाल बंटवारे के गठबंधन के बावजूद सीएम की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया था।

बीजेपी के 222 सीटों (2 सीटों पर चुनाव बाकी हैं) में से 104 सीटें है। उसे अपना बहुमत साबित करने के लिए अभी 8 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में पार्टी की तरफ से विपक्षी दलों के जिन विधायकों को लुभाने की कोशिश की गई है उन्हें ट्रस्ट वोट के समय येदियुरप्पा के लिए वोटिंग करने को कहा जा सकता है।

बीजेपी तर्क दे रही है कि लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ वोट किया है और जेडीएस काफी अंतर से तीसरे स्थान पर है। इस विधानसभा चुनाव में 60 प्लस सीटों का फायदा होने के बाद बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह सरकार बनाने में पीछए नहीं हटेगी। बीजेपी ने यह भी तर्क दिया है कि 1996 में कैसे गुजरात की बीजेपी सरकार को गिराया गया, शकंरसिंह वाघेला सीएम बने लेकिन सरकार चल नहीं पाई।

उधर कानून मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को जनादेश को समझना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने पीएम मोदी पर हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाले कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया को भी निशाने पर लिया।

और हाां, विधायकों को 100 करोड़ का ऑफर देने की बात सार्वजनिक हो चुकी है। तस्वीर साफ है लेकिन लोकतंत्र खामोश है।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓