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सुब्रमण्यम स्वामी अपनी बेबाक बयानी और कई बार विवादों भरे बयान के लिए मशहूर है। किसी भी नेता के खिलाफ टिप्पणी करने हो या केस, उनका जवाब नहीं। अब स्वामी इस राज्यसभा में ऐसा बिल पेश कर रहे हैं जो गायों की रक्षा करेगा और उन लोगों को फांसी की सजा का प्रावधान देगा जो गायों की हत्या करते हैं।

हालांकि ऐसे बिल इतनी आसानी से पास नहीं होते लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी ने अपना पूरा जोर लगाकर इसे राज्यसभा में पेश जरूर कर दिया है।

क्या है पूरा माजरा, आइये समझते हैं। दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने 2 फरवरी को राज्य सभा में गाय संरक्षण बिल 2017 पेश किया और गोहत्या के दोषियों के लिए फांसी की सजा देने की मांग की।
सदन में बिल पेश करते हुए स्वामी ने कहा कि मुगल काल में भी बहादुर शाह जफर ने गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल आने के बाद ही देश में गो-हत्या का चल बढ़ा।

स्वामी ने सदन को बताया कि आधुनिक विज्ञान में यह बात साबित हो चुकी है कि गाय से मिलने वाले उत्पादों के कई वैज्ञानिक पहलू हैं।

उन्होंने कहा कि गौमूत्र का इस्तेमाल दवा बनाने में होता है। अमेरिका ने इसके लिए पेटेंट भी हासिल कर लिया है जबकि हमारे ऋषिमुनियों ने हजारों साल पहले ही इस बारे में बताया था।

बिल के प्रावधानों की चर्चा करते हुए स्वामी ने कहा कि हमें हरेक गांव में गौशाला की स्थापना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि गोमांस निर्यात की अत्यधिक मांग है, इसलिए इस धंधे में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इसमें अर्थदंड से लेकर फांसी की सजा तक होनी चाहिए।

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हालांकि इस बिल को लेकर उनका मजाक भी बना। कइयों ने धर्म और पशुओं को राजनीति से अलग रखने की उन्हें सलाह भी दे डाली। अब स्वामी इन सलाहों पर कितना गौर करते हैं, देखने वाली बात है।

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