फाइल फोटो
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कोलकाता
मिशनरीज ऑफ चैरिटी, रांची द्वारा नवजातों के खरीद-फरोख्त मामले के मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने में लगी हैं। तृणमूल सुप्रीमों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा और उस पर मिशनरीज को बदनाम करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने सोशल नेटवर्क साईट ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना खुद मदर टेरेसा ने की थी लेकिन अब इन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी को बिलकुल परेशान ना किया जाए। उन्हें गरीबों के हक में काम करने दिया जाए।

सिर्फ मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मसले पर ही नहीं बल्कि पूर्व आम आदमी पार्टी के नेता और स्वराज इंडिया पार्टी के प्रमुख योगेंद्र यादव के मामले पर भी ममता ने केंद्र सरकार को आडे हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि 2019 के लोकसभा चुनाव आ रहे हैं, इससे पहले अब बीजेपी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर विरोधियों की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है और खुले तौर पर बदले की राजनीति कर रही है। ममता बनर्जी मैं योगेंद्र यादव के बहनोई के अस्पताल में पड़ी आईटी की रेड की भी निंदा की है।

गौरतलब है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी संस्था से मदर टेरेसा का नाम और सम्मान जुड़ा हुआ है इसलिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्था के छत के नीचे से से बच्चों के बेचे जाने की खबर सामने आते ही काफी हंगामा शुरू हो गया था। उल्लेखनीय है कि झारखंड में मिशनरीज द्वारा संचालित एक केंद्र पर हाल में चार बच्चों को बेचे जाने का आरोप लगा है, जिसके बाद बच्चे बेचे जाने के गोरखधंधे की आंच झारखंड में संचालित 40 अन्य सेंटरों तक पहुंच गई और यह मामला काफी गरमाया हुआ है।

इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बाल संरक्षण आयोग को मिशनरीज के सभी केंद्रों की जांच करने का भी निर्देश दिया है। वहीं, नवजातों की बिक्री के आरोप मंक पुलिस मिशनरीज द्वारा संचालित होम की दो महिला कर्मचारी अनिमा इंद्रवार और सिस्टर कोंसीलिया को गिरफ्तार कर चुकी है। वहां की सीआइडी ने पूछताछ के बाद मिशनरीज द्वारा कथित तौर पर बेचे गए तीन बच्चे को भी बरामद किया है।

दूसरी तरफ रांची के आर्कबिशप इस आरोप को पहले ही कैथोलिक चर्च को बदनाम करने की साजिश बता चुके हैं।कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी मुख्यालय की ओर से भी पिछले हफ्ते एक बयान जारी कर कहा गया था कि हम इस तरह की खबरों से स्तब्ध हैं। मिशनरीज की प्रवक्ता सुनीता कुमार ने कहा था कि यह काम उनकी संस्थापक व नन द्वारा समर्थित नैतिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है। हालांकि उन्होंने अपने कर्मचारियों पर लगे आरोपों की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।

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