तस्वीर : हिंद वॉच
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ग्रासरुट रिपोर्टर किशन कुमार दत्ता की रिपोर्ट
रांची, झारखंड
खुखड़ी(एक प्रकार का मशरूम) पूरे झारखंड में अपने अनोखे स्वाद के लिए काफी मशहूर है। यह खाने में एकदम नॉनवेज की तरह लगने वाला बरसात के मौसम में झारखण्ड के जंगलों में उगता है। ऐसे में यहां सुदूर इलाकों से आ रहा खुखड़ी चिकन और मटन का बेहतर विकल्प बन गया है। रांची के आस-पास जंगलों से निकलने वाला खुखड़ी बाजारों में अभी 400 से लेकर 500 रुपए किलो तक बिक रहा है। साथ ही बुण्डू तमाड़, सोनाहातू, राहे, सिल्ली एवं अन्य क्षेत्रों में 200 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो बेचे जा रहे हैं।

खुखड़ी प्रायः जंगलों में जहां पर लाल मिट्टी की परत होती है, वहां पर भारी मात्रा में पाया जाता है। जानकर बताते हैं कि बादल गर्जन के बाद इसकी खोज के लिए लोग जंगलों में जाते हैं और काफी सावधानी के साथ निकालते हैं। खुखड़ी का आधा हिस्सा जमीन के ऊपर और आधा हिस्सा जमीन के अंदर रहता है। अब तो झारखण्ड में रहने वाले दूसरे राज्यों के लोग भी इसका स्वाद चखने के लिए काफी ब्याकुल रहते हैं, क्योंकि ये मौसमी खुखड़ी केवल शुरुवाती बरसात के सिर्फ 2 महीनों तक ही लोगों को मिल पाता है।

बहरहाल अभी से ही बाजारों में इसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ देखी जा रही है। खूखड़ी बेचने वाली सीमा कुमारी ने बताया कि खलारी एवं अन्य आस पास के जंगलों से सुबह 4 बजे उठकर खूखड़ी की तलाश में लग जाते हैं, इसमे मुख्यत: बच्चे को भी शामिल किया जाता है। इससे चुनने के लिए बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जंगल-झाड़ मे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बच्चे को साथ में लेकर जाने का मन नहीं करता फिर भी भरण पोषण के लिए ये सब कुछ करना पड़ता है, साथ ही कभी-कभी खूंटी के बक्सरपुर के जंगलों एवं अन्य जंगलो में जाकर भी खूखड़ी लाना पड़ता है।
पोस्टल कोड 834001 835204 835210

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