Tuesday, August 21, 2018
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राजेश एस. कुमार

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देश के बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़े राजेश वरिष्ठ पत्रकार हैं| वे स्वतंत्र लेखन भी करते हैं| हिंद वॉच मीडिया के लिए वे नियमित रूप से लिखते रहे हैं|
अमेरिकन फाउंडेशन फॉर सुसाइड प्रीवेंशन यानी एएफ़एसपी की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका में हर साल करीब 400 से ज्यादा फिजिशियन्स आत्महत्या करते हैं। मेडिकल स्टूडेंट्स भी इस फेहरिश्त में आते हैं। इस बात पर...
हाल में संस्कृति का ढोल पीटने वाली पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष की फिल्म जूली 2 के सेक्स सीन लीक हुए तो पता चला कि पहलाज कितनी संस्कारी फिल्में बनाते हैं। बहरहाल आजकल सेक्स और अश्लीलता के बहाने फिल्मों और...
कोर्ट किसी मसले पर टिप्पणी भले ही देर से करती हो लेकिन जब भी कुछ कहती है बड़ी सटीक बात कहती है। भला हो कोर्ट का नहीं तो देश के कट्टर संगठन जिस फिल्म के खिलाफ चाहे फतवा भेज...
भारत समेत दुनिया भर में टेनिस स्टार मारिया शारापोवा के फैन्स हैं. उनकी एक झलक के लिए लोग क्या क्या नहीं करते. भारत में भी जब एक बिल्डर ने एक लग्जरी हाउसिंग सोसाइटी प्रोजेक्ट बनाया तो प्रचार का जिम्मा...
भारत के लगभग हर खेल संघ में राजनीति इस तरह से घुसपैठ कर चुकी है कि खिलाड़ियों को इनके इशारे पर नाचना पड़ता है. कोई मुंह खोलता तो उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है. इसलिए हर खिलाड़ी...
अक्सर लोगों पैसा निवेश करने को लेकर सही जानकारी न होने के चलते पूंजी डूब जाती है। बाजार में निवेश के इतने सारे ऑप्शंस मौजूद हैं लेकिन सही फैसला चुनना कतई ईजी नहीं है। इसलिए हम आपके लिए लाये...
अक्षय कुमार बौलीवुड के सबसे बिजी स्टार माने जाते हैं. वह साल में 3 से 4 फिल्में रिलीज करके न सिर्फ सबसे ज्यादा कमाने वाले सितारे हैं बल्कि निर्माताओं की पहली पसंद भी इसलिए हैं क्योंकि उनके अभिनय में...
सर्दी खांसी और मलेरिया होने के कन्फ्यूजन में नाचगाना करने वाले नाना पाटेकर और शाहरुख़ खान को भी अब जो नया रोग लगा है वह लवेरिया का नहीं बल्कि सोशल मीडिया का है। दिन रात ट्विटर पर ट्वीट करने...
सीडीसी यानी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के हालिया शोध में आया है कि अमेरिका में अल्जाइमर्स की बीमारी से मरने वाले लोगों की तादाद करीब 54 फीसदी बढ़ गयी है| 2014 में यूएस में अल्जाइमर्स से मरने...
कहते हैं कि वर्तमान की हर त्रासदी और आपदा के बीज गुज़रे ज़माने के गर्भ में छिपे होते है और इनका प्रभाव भविष्य में साफ़ दिखता है। प्रदूषण के लिहाज से इंग्लैंड की दिसम्बर 1953 की ग्रेट स्मॉग घटना...
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