Sunday, November 18, 2018
Home Authors Posts by महेश राठी

महेश राठी

13 POSTS 0 COMMENTS
सामाजिक न्याय के प्रखर पैरोकार महेश राठी वरिष्ठ पत्रकार हैं| प्रमुख अखबारों, पत्रिकाओं और वेब-पोर्टल्स में उनके आलेख प्रकाशित होते रहे हैं| दिल्ली से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक अखबार मुक्ति संघर्ष के साथ जुड़े रहते हुए वे स्वतंत्र रूप से राजनैतिक, सम-सामायिक और जन-सरोकार के विषयों पर लिखते हैं| महेश राठी का लेखन निर्भीक और जमीनी पत्रकारिता का बेहतरीन उदाहरण है| जनवाद की पुरजोर पैरवी करते हुए उनकी कलम कभी सत्ता से जा टकराती है, तो कभी छद्म-राष्ट्रवाद को बेनकाब करती है| हिंद वॉच मीडिया के लिए वे नियमित रूप से लिखते रहे हैं|
माननीय श्री हर्षवर्धन जी, मैं यह पत्र आपको अपने प्रिय शहर दिल्ली की चिंता करने वाला एक दिल्लीवासी समझकर कर लिख रहा हूं। इसके अलावा आपको को पत्र लिखने का एक कारण हाल ही में दिल्ली के पर्यावरण को लेकर...
देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवायी वाली सरकार मुस्लिम महिलाओं और तीन तलाक के सवाल पर बेहद चिंतित जान पड़ती है। प्रधानमंत्री और पूरी सरकार इस सवाल को ऐसे पेश कर रही है कि मानों देश में तीन...
भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी को हुई हिंसा ने फिर से दुनिया को आजाद भारत की मीड़िया और राज्य व केन्द्र सरकार का रंग दिखा दिया है। उनका रंग भारतीयता का प्रतीक तिरंगा नही, उनका रंग भगवा है, उनका...
संसद में भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज का भावनात्मक भाषण, जिसे देश में भक्तगण मंत्री का मार्मिक क्रंदन बता रहे हैं, वह उकसावे और उन्माद की राजनीति की रणनीतिक रूदाली से अधिक कुछ भी नही है। यह पहली बार...
दिल्ली की आबोहवा में सांस लेना मुसीबत को दावत देना बनता जा रहा है। ग्रीन ट्रिब्यूनल से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लगातार प्रदूषण के बढ़ते स्तर का संज्ञान लेकर केन्द्र और राज्य सरकार से जवाब तलब करते...
जैसे जैसे गुजरात चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, भाजपा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। नोटबंदी और उसके बाद जीएसटी मानो भाजपा के गले की फांस बनता जा रहा है। हालत यह हो गयी है की...
जुनैद, अखलाक, पहलू खान और बिलकिस बानो का कसूर केवल उनकी आस्था और उनका अल्पसंख्यक होना था। उनके संप्रदाय की पहचान के कारण उनकी हत्या हुई। उनके स्वजन उनका परिवार और देश में सांप्रदायिक सद्भाव के पैरोकार सभी मिलकर,...
गोदी मीड़िया के इस दौर में मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-संघ सरकार अपनी हार की आहट को चाहे जितना मर्जी अपने समर्थन और विकास के शोर से दबाने की कोशिशें कर ले परंतु वो जनता के आक्रोश और असंतोष...
साठ के दशक से अभी तक हजारों लोग अमेरिका में होने वाली गोलीबारी जैसे घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके है। अमेरिकी समाज में हिंसा की प्रवृति समय के साथ बढ़ ही रही है| अमेरिका में हथियार रखने वाले 60...
वरिष्ठ पत्रकार महेश राठी ने अपने ब्लॉग में 30 मई 2017 को थल सेना प्रमुख विपिन रावत के नाम एक खुला पत्र लिखा | इस पत्र में उन्होंने सेना प्रमुख के उस बयान को आधार बनाकर, जिसमें जरनल विपिन...