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कुदरत ने पेड-पौधों को हमारी सेहत का कवच बनाया है। बस इनके बारे में जानकारी की जरूरत है कि कौन सा पेड व कौन सा पौधा हमें हेल्दी और निरोग बना सकता है। ऐसा ही एक वृक्ष का नाम हैं अशोक! जिसके बारे में मान्यता है कि जिस पेड के नीचे बैठने से कोई शोक नहीं होता वह अशोक का पेड होता है। तो आइये जानते हैं अशोक के कुछ चमत्कारी गुणों के बारे में जिनसे आप अपनी बीमारी में लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

  • अशोक के 2 ग्राम बीजों को पानी के साथ पीसकर 2 चम्मच की मात्रा में पीने से पथरी के दर्द में आराम मिलता है।
  • अशोक की छाल 80 ग्राम ओर 80 ग्राम दूध को डालकर चौगुने पानी में तब तक पकायं जब तक एक चौथाई पानी न रह जाए, उसके बाद छालकर महिला को सुबह-शाम पिलायें। इस दूध का मासिक-धर्म के चौथे दिन से तब तक सेवन करना चाहिए, जब तक खून का बहना बंद न हो जाता हो। टेनिन एसिड के कारण इसकी छाल सख्त ग्राही होती है, बहुत तेज और संकोचल प्रभाव करने वाली होती है, अत: रक्त प्रदर में होने वाले अत्यधिक रजस्त्राव पर बहुत अच्छा कंट्रोल होता है।
  • अशोक के पेड की छाल में सैपोनिन, टेनिन, कार्बनिक कैल्शियम, होमैटाक्सिलिन तथा ग्लाइकोसाइड पाए गए है, पर अल्कालॉइड और एसेन्शियल ऑइल की मात्रा बिलकुल नहीं है।
  • आयुर्वेद में अशोक के वृक्ष में के बारे में कहा गया है कि इसका रस कसेला, कडवा और ठंडी प्रकृति का होता है। ये रूप रंग को निखारता है और सेहत को दुरस्त रखता है।
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हर पेड-पौधें में कोई न कोई गुण अवश्य होता है। जिनमा उपयोग दवा निर्माण या किसी परेशानी से मुक्ति के लिए किया जाता है। अशोक के पेड में ज्योतिषीय गुण भी होते हैं।

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