फ़िल्म स्टार्स का सियासत में आना कोई नई बात नहीं है लेकिन बिना सियासत में आये किसी कलाकार का किसी नेता का पिछलग्गू बनना या कहें चमचा बनना नैतिक तौर पर ठीक नहीं है।
संजीदा अभिनेता अनुपम खेर अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बीते दिनों इन्होंने कुछ ऐसा कह दिया जिसकी उम्मीद कम की जाती है।

दरअसल अनुपम खेर ने कहा है कि मैं किसी दूसरे की बाल्टी बनने से अच्छा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चमचा बन जाऊं। अनुपम खेर ने ये बात एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में कही।

वैसे यह बात तो सर्वविदित है कि अनुपम भाजपा के समर्थक है और खुलकर पीएम मोदी और उनकी नीतियों की तारीफ करते कई बार नजर आ चुके हैं।

कई बार सार्वजनिक मंचों से अनुपम खेर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी कर चुके हैं। वो खुलकर मोदी विरोधियों राजनीतिक दल खासतौर पर कांग्रेस की आलोचना करने में भी गुरेज नहीं करते।

इसी मुद्दे पर इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में उनसे सवाल पूछा गया। शो के एंकर ने अनुपम खेर से पूछा कि आप जिस तरह से पीएम मोदी की तारीफें करते हैं उसे देखते हुए ही लोग आपको उनका चमचा बता देते हैं।

एंकर की इस टिप्पणी पर अनुपम खेर थोड़े गुस्साए लेकिन फिर बोलने लगे कि, ‘लोग ठीक बोलते हैं। लोग बिल्कुल सही बोलते हैं कि मैं मोदी का चमचा हूं। किसी और की बाल्टी होने से अच्छा है कि मैं मोदी का चमचा बन जाऊं।’

अनुपम का खुद का एक्टिंग स्कूल है और वे
फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चैयरमैन का पद भी संभाल रहे हैं। इस पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद सोशल मीडिया में इस तरह की बातें भी हो रही थीं कि अनुपम खेर को ये पद पीएम मोदी और बीजेपी की नजदीकियों के कारण ही मिला है। उनकी पत्नी किरण खेर बीजेपी की सांसद हैं। किरण खेर ने साल 2014 में चंडीगढ़ से लोकसभा का चुनाव जीता था।

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ये सब अपनी जगह पर ठीक है लेकिन एक ऐसा अभिनेता जिसको समाज8 सरोकार से जुड़ी फिल्मों के लिए जाना जाता है, ऐसे में उनसे इस तरह की बात सुनने से आने वाली पीढी सही संदेश नहीं लेगी।

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