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नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना दिवस(8 अक्टूबर) पर सोमवार को राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद हिडन एयरफोर्स स्टेशन पर एयरफोर्स के जांबाज कमांडोज ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किये। एयरफोर्स की ओर से किए गए इस शक्ति प्रदर्शन से यकीनन दुश्मन को हमारी ताकत का एहसास हो जाएगा और वो हमसे सामना करने की हिम्मत भी नहीं कर सकेगा।

वायुसेना दिवस पर जोधपुर में सामरिकत ताकत और जांबाजी का प्रदर्शन करते हुए गरुड़ कमाण्डोज ने ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों के काल्पनिक ठिकानों को ध्वस्त कर दुश्मन को मार गिराने के हैरतअंगेज प्रदर्शन किये। वहीं गाजियाबाद में वायुसेना के कमांडोज ने आकाश में तिरंगा बनाया, साथ ही अन्य कई हैरतअंगेज कारनामे प्रदर्शित किए।

भारतीय वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में वायुसेना स्टेशन जोधपुर में लड़ाकू विमान व हथियारों के स्टेटिक प्रदर्शन के साथ ही कमांडो ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया। वायुसेना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपतिरामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत देश के बड़े नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।

आपको बता दें कि 8 अक्टूबर 1932 को इंडियन एयरफोर्स की स्थापना की गई थी। इस दिन को Air Force Day के तौर पर मनाया जाता है। 1 अप्रैल 1933 को इसके पहले दस्ते का गठन हुआ था जिसमें 6 RAF-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था।

जोधपुर वायुसेना स्टेशन के एयर ऑफिसर कमाण्डिंग (एओसी), एयर कमोडोर एन तिवारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान और गुजरात बॉर्डर एक्टिव एरिया है। पूरी पश्चिमी सरहद पर जोधपुर वायुसेना स्टेशन की अहम भूमिका है।

जोधपुर व जैसलमेर रेगिस्तानी क्षेत्र है और सैन्य गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। एयर कमोडोर तिवारी ने कहा कि जोधपुर बेस पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हर जिम्मेदारी के लिए हम प्रेक्टिस व एक्सरसाइज करते रहते हैं। यहां हवाई व जमीन मार्ग चुनौतियां हैं। इनके लिए हम प्रेक्टिस करते रहते हैं।

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