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जिस सरकार और नेता से नक़ल माफिया के खिलाफ एक्शन लेने की आशा की जाती है वही नक़ल माफिया बने हुए हैं। हाल यह है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और इसी पार्टी के नेता को नक़ल कांड में लिप्त पाया गया है। क्या है पूरा माजरा, आइये जानते हैं।

दरअसल अलीगढ़ में एक बीजेपी नेता के घर में दर्जनों लोग यूपी बोर्ड की परीक्षा देते हुए पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक, अतरौली के तवथू गांव में बीजेपी नेता और स्कूल प्रबंधक के घर प्रशासन की टीम ने एसडीओ और सीओ की अगुआई में छापा मारा गया।

छापा मारने के बाद स नक़ल माफिया को लेकर बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस ने यहां से 62 लोगों को यूपी इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा की कॉपी को लिखते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने यहां से सौ मुहर लगी दूसरी कॉपियों को भी जब्त किया है।

बात यही नहीं रुकी जब पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक और स्कूल प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, अतरौली स्थित बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक का घर स्कूल के ठीक सामने हैं। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि कॉलेज प्रबंधक राज कुमार शर्मा के भतीजे और बीजेपी नेता भुवेन्द्र शर्मा उर्फ चुनमुन के घर में यूपी बोर्ड की कॉपियां लिखी जा रही हैं।

पुलिस ने इस सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई की और छापा मारा। पुलिस को देखते ही वहां भगदड़ मच गई और लोग भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने सख्त रवैया अख्तियार करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके खिलाफ नकल अधिनियम और धारा 384 के तहत केस दर्ज किया है।

इस मामले में बीजेपी जिलाध्यक्ष देवराज सिंह ने बताया है कि राजकुमार शर्मा के भतीजे बीजेपी के सदस्य हैं। पुलिस ने कहा है कि अब इस परीक्षा केन्द्र को रद्द किया जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधक कॉपी लिखवाने के बदले में छात्रों से तीन-तीन हजार रुपए लेते थे।

केस में परीक्षार्थी गोपाल मिश्रा, प्रदीप कुमार और विशाल ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार इस बार बेहद सख्ती से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करवाने का दावा कर रही है। परीक्षा में सख्ती की वजह से लाखों परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ चुके हैं।

बड़े दुःख की बात है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार एक तरफ नक़ल रोकने के बड़े बड़े दावे करती है और दूसरी तरफ उसी की नाक के नीचे पार्टी के नेता ही सीएम योगी आदित्यनाथ के इस दावे को पलीता लगाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।

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