Print Friendly, PDF & Email

रांची में राष्ट्रीय आजीविका एवं कौशल विकास मेले के समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बतौर वशिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि उद्योग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की तर्ज पर आजीविका और कौशल विकास के लिए एकल मंच तैयार किया जायेगा, जिसकी मदद से राज्य के गरीबों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें बीपीएल श्रेणी से मुक्त कराया जायेगा।

इस मंच में बैंक, औद्योगिक साझीदार, माइक्रो वित्तीय संस्थान और कौशल प्रदान करने वाली संस्थाएं शामिल होंगी। राज्य के हर बीपीएल परिवार की एक बहन को आजीविका और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। गरीबी समाप्त करने में कौशल विकास एक सशक्त माध्यम है। इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य की महिलाएं काफी मेहनती हैं।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मीठी क्रांति का आह्वान किया है। झारखंड इसके लिए सबसे बेहतरीन स्थान है। यहां 10 हजार किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। 600 किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा चुका है। केंद्र ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य को मधुमक्खी पालन के लिए अतिरिक्त बॉक्स दें, तो इसमें तेजी लायी जा सकेगी।” उन्होंने कहा कि “राज्य में काफी मात्रा में कोकून होता है। महिलाओं को प्रशिक्षित कर सूता उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इनके लिए राज्य के नौ जिलों में प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जायेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि “गरीब घर में पैदा होने के कारण गरीबों की वेदना जानता हूं। प्राकृतिक संसाधन और मेहनतकश मानव बल से संपन्न झारखंड की गोद से गरीबी को समाप्त करना मेरा संकल्प है। 14 अप्रैल से शुरू हुए ग्राम स्वराज अभियान के तहत राज्य के अतिपिछड़े 252 जिलों में सरकार की सारी योजनाओं को लागू किया गया है। इसका व्यापक असर दिख रहा है।”

कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि “ग्रामीण विकास के क्षेत्र में झारखण्ड बेहतरीन काम कर रहा है। यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वर्ष 1700 बसावटों को जोड़ने का लक्ष्य था। रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लक्ष्य से अधिक 1712 बसावटों को जोड़ा है।”

इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में पांच लाख आवास बनाये जाने हैं। झारखंड में अब तक 1.76 लाख मकान तैयार कर गरीबों को सौंपे जा चुके हैं। एडवांस प्लानिंग कर मनरेगा के तहत केंद्र से मिले 3300 करोड़ रुपये का सदूपयोग करते हुए जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। झारखंड विकास की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार यहां पैसों की कमी नहीं आने देगी।

राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने विभाग के कामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले साल तक दो लाख सखी मंडलों का गठन कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में आजीविका मिशन और कौशल विकास योजना के लाभुकों ने अपने अनुभव साझा किये।

इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करनेवाले 10 ग्राम संगठन, पांच ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत चार राज्यों को बेहतरीन कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। साथ ही 18 नवनिर्मित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव अमरजीत सिन्हा, झारखंड के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, मेयर  आशा लकड़ा, झारखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ, रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के सचिव  अजय कुमार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓