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नई दिल्ली
देश के 46 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में बुधवार को कार्यभार न्यायाधीश रंजन गोगोई ने संभाल लिया है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सीजेआई की शपथ जस्टिस गोगोई को राष्ट्रपति भवन में बुधवार सुबह पौने 11 बजे दिलाई। शपथ के बाद वे सीजेआई के तौर पर बुधवार को जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के. एम. जोसेफ के साथ मामलों की सुनवाई प्रारंभ करेंगे।

जस्टिस गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर, 2019 तक है और इस दौरान सीजेआई कुछ काफी संवेदनशील मामलों की सुनवाई करेंगे। उनके सामने पहली चुनौती असम में एनआरसी के संकलन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना होगा।

न्यायाधीश गोगोई पहले ही कह चुके हैं कि वे सिर्फ उन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे, जिन्हें किसी गरीब ने दाखिल की है। इससे पता चलता है कि वे हाल ही में कुछ सालों में तेज हुई जुडिशल ऐक्टिविजम पर कुछ हद तक लगाम लगाना चाहते हैं।

न्यायाधीश गोगोई सुप्रीम कोर्ट के उन 4 जजों में शामिल थे, जिन्होंने ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई दीपक मिश्रा पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों को जूनियर जजों की अगुआई वाली बेंच को सौंपने पर प्रश्न उठाए हैं।

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