Print Friendly, PDF & Email

श्रीनगर
म्मू-कश्मीर में 13 साल बाद हो रहे नगरपालिका चुनाव में सोमवार को मिलाजुला असर देखने का मिला। जम्मू क्षेत्र की बात की जाए तो यहां के सभी वॉर्डों में भारी मतदान देखने को मिले। यहां के राजौरी में सबसे ज्‍यादा मतदान किया गया। कश्मीर की बात की जाए तो यहां के मतदान केंद्र सूने पड़े दिखे। आम हड़ताल के बीच श्रीनगर में सबसे कम वोट देने लोग पहुंचे।

जम्‍मू में कड़ी सुरक्षा के बीच लगभग सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और वॉर्डों में मतदाताओं की लंबी लाइन देखने को मिली। यहां पांच घंटों में 34 प्रतिशत मतदान हुए। इस अवधि में राजौरी में सबसे ज्‍यादा 55 प्रतिशत और पुंछ में 47 प्रतिशत वोट पड़े। यहां गांधीनगर, आरएस पुरा में वोटिंग शांतिपूर्वक रहा। पुरा, बिश्नाह, अरनिया, खौर, जुरियां, अखनूर, नौशेरा, सुरनकोट, कलाकोट और अन्य वॉर्डों में भी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक रहा।

जबकि कश्मीर का नजारा बिल्कुल उलट रहा। दोपहर 12 बजे तक कुपवाड़ा में 18 प्रतिशत, बांदीपोरा में महज दो प्रतिशत, बड़गाम और बारामुला में तीन प्रतिशत जबकि अनंतनाग में पांच प्रतिशत वोट पड़े। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद श्रीनगर में सबसे कम 3.5 प्रतिशत वोट पड़े हैं। एक अधिकारी के अनुसार, कश्मीर घाटी में दोपहर 11 बजे तक 80,000 में से 4,000 वोट पड़े हैं।

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में कुछ उपद्रवियों ने एक मतदान केंद्र पर भारी पथराव किया। बांदीपोरा के डाचीगाम इलाके में हुई पथराव की इस घटना में यहां बीजेपी का एक उम्मीदवार घायल हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पथराव के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। यहां बांदीपोरा जिले में 16 वॉर्डों में मतदान की प्रक्रिया चलाई गई। करीब 11 बजे डाचीगाम में बने एक पोलिंग बूथ पर पथराव की घटना हुई।

इलाके में तनाव को देखते हुए तत्काल सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला और फिर आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को मतदान केंद्र से खदेड़ दिया। इस दौरान पोलिंग बूथ की तरफ आ रहे वॉर्ड नंबर 15 के उम्मीदवार आदिल अली बुहरू चोटिल हो गए। पूरी चुनाव प्रक्रिया में मतदाता काफी उस्‍ताहित नजर आए। खास बात यह भी थी कि हुर्रियत और आतंकी संगठनों की अपीलों के बाद भी कश्मीर के आतंक प्रभावित जिलों में वोटरों की बड़ी संख्या पोलिंग बूथ पर पहुंची।

कहां कितना वोट
राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह 11 बजे तक राजौरी जिले में सर्वाधिक 55 फीसदी वोटिंग हुई है। पुंछ में 47, जम्मू में 34, करगिल में 33, लेह में 26, कुपवाड़ा में 18, अनंतनाग में 5, बारामुला और बडगाम में 3 और बांदीपोरा में 2 फीसदी वोटिंग हुई। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव का आगाज हुआ है।

मुख्य चुनाव अधिकारी शालीन काबरा से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में पूरे राज्य में 321 वार्डों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें 1204 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जो अपनी किस्मत आजमांं रहे हैं। जम्मू संभाग में 1000, कश्मीर में 138 और लद्दाख में 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। जम्मू संभाग में 238 और कश्मीर संभाग में 83 वार्ड के लिए चुनाव होंगे। जम्मू नगर निगम के 75 वार्ड के लिए 400301 मतदाता हैं तो वहीं 447 प्रत्याशी मैदान में हैं।

काबरा ने चुनाव संबंधी और भी कई जानकारियां दीं। जिसमें उन्होंने बताया कि पहले चरण में कुल 586064 मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देंगे। कश्मीर संभाग में 150 और जम्मू संभाग में 670 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। कश्मीर में 138 और जम्मू में 52 केंद्रों को अतिसंवेदनशील बताया गया है। वहीं, पहले चरण में 78 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं। आपको बता दें कि 4 चरणों में होने वाले निकाय चुनाव में 2990 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे।

चुनाव को देखते हुए जम्मू विश्वविद्यालय की 8 और 10 अक्टूबर को होने वाली परीक्षाओं को रोक दिया गया है। इसके अलावा सरकारी ऑफिस में भी चुनाव को लेकर छुट्टी रहेगी। निकाय चुनाव को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने जनरल टीचर पदों के लिए होने वाली काउंसिलिंग के शेड्यूल को भी बदल दिया गया है।

आपको बता दें कि चुनाव में खलल डालने के लिए सोमवार को अलगाववादियों ने बंद बुलाया है। तो वहीं, सख्ती बरतते हुए प्रमुख अलगाववादियों पर कार्रवाई की गयी है। दरअसल, अलगाववादियों का आज बंद, गिलानी-मीरवाइज नजरबंद(जी) प्रमुख सैय्यद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर लिया गया है। जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक पहले से जेल में बंद हैं। बंद को देखते हुए बनिहाल से बारामुला के बीच रेल सेवाएं सोमवार को रोकी गयी हैं।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓